मधेपुरा | बीपी मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में उस वक्त मातम और सन्नाटा पसर गया, जब सिविल इंजीनियरिंग की छात्रा खुशबू कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सामने आई। देर रात परिजन मधेपुरा पहुंचे। बेटी का शव देखते ही मां बदहवास होकर रो पड़ी। कॉलेज परिसर में शोक का माहौल है।
रूममेट का बयान: “कभी तनाव की बात नहीं की”
खुशबू की रूममेट संध्या कुमारी ने बताया कि वे तीन छात्राएं एक ही कमरे में रहती थीं।
- सोमवार दोपहर 2 बजे से क्लास थी, लेकिन खुशबू क्लास नहीं गई।
- शाम 3:30 बजे जब संध्या लौटी तो कमरे का गेट अंदर से बंद था।
- कई बार खटखटाने पर भी जवाब नहीं मिला, तो सीनियर छात्रों को बुलाया गया।
- वार्डन की मौजूदगी में गार्ड ने दरवाजा खुलवाया। बालकनी के दरवाजे से खुशबू का शव फंदे से लटका मिला।
संध्या के अनुसार, पिछले छह महीनों में खुशबू ने कभी किसी परेशानी या तनाव का जिक्र नहीं किया था।
पिता का आरोप: सूचना कॉलेज ने नहीं, रूममेट ने दी
मृतका के पिता पवन सिंह (निवासी—मुरारलोचनपुर, सकरा, मुजफ्फरपुर) ने कॉलेज प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा—
- बेटी की मौत की जानकारी कॉलेज प्रशासन ने नहीं, बल्कि रूममेट ने दी।
- रविवार को उनसे बात हुई थी; वह पूरी तरह सामान्य थी।
- 27 जनवरी को ही घर से कॉलेज लौटी थी।
- सितंबर 2024 में एडमिशन हुआ था; कभी शिकायत नहीं की।
परिजनों का आरोप: मौजूदगी से पहले ही उतारा गया शव
परिजनों का कहना है कि उनकी मौजूदगी के बिना ही शव को फंदे से उतार दिया गया, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है। उन्होंने पुलिस और कॉलेज प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने मंगलवार तड़के पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
अब जांच इन बिंदुओं पर टिकी है:
- मृतका का मोबाइल फोन डेटा
- FSL रिपोर्ट
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट
बंद कमरे में हुई इस मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।


