
भागलपुर/सुल्तानगंज | 26 फरवरी, 2026: भागलपुर जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में जमीन के मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दिलगौरी मोड़ के समीप वार्ड नंबर 12 में घर के ही लोगों ने एक युवती और उसकी मां पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है।
विवाद की जड़: जबरन पानी बहाने का विरोध
घायल महिला सरिता देवी ने अस्पताल में अपनी आपबीती सुनाते हुए हमले की मुख्य वजह बताई:
- अवैध कब्जा: आरोपी नारायण कुमार उर्फ राजू कुमार द्वारा उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था।
- विवाद की शुरुआत: विवाद तब शुरू हुआ जब आरोपी ने सरिता देवी की जमीन पर जबरन पानी बहाना शुरू किया। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो आरोपी हिंसक हो उठा।
वारदात: ईंट, पत्थर और कुदाल से हमला
आरोप है कि नारायण कुमार उर्फ राजू कुमार ने न केवल कानून को ठेंगा दिखाया, बल्कि महिलाओं के प्रति अपनी मर्यादा भी लांघ दी:
- जानलेवा हमला: आरोपी ने ईंट, पत्थर और कुदाल (spade) से सरिता देवी और उनकी बेटी साक्षी भारती पर हमला कर दिया।
- गंभीर चोटें: इस हमले में दोनों मां-बेटी बुरी तरह लहूलुहान हो गईं।
- गलत नीयत: पीड़िता ने आरोपी पर गलत नीयत रखने और छेड़खानी का भी आरोप लगाया है।
इलाज: सुल्तानगंज से मायागंज किया गया रेफर
घटना के तुरंत बाद परिजनों ने घायलों को सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल पहुँचाया।
- प्राथमिक उपचार: अस्पताल के डॉक्टरों ने घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार किया।
- बेहतर इलाज: स्थिति नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने दोनों को बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल (JLNMCH) रेफर कर दिया है।
पुलिसिया कार्रवाई: छानबीन में जुटी टीम
घटना की जानकारी मिलते ही सुल्तानगंज थाना पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की तहकीकात शुरू कर दी है। पुलिस ने पीड़ितों का बयान दर्ज कर लिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की तैयारी की जा रही है।
VOB का नजरिया: घर के भीतर ही असुरक्षित महिलाएं?
दिलगौरी की यह घटना बिहार के ग्रामीण इलाकों में बढ़ते जमीन विवाद और महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा का एक और दुखद उदाहरण है। जब अपने ही घर के सदस्य कुदाल और पत्थरों से हमला करने लगें, तो सामाजिक ताने-बाने पर सवाल उठना लाजिमी है। पुलिस को चाहिए कि वह इस मामले में सख्त कार्रवाई करे ताकि विवादों को सुलझाने के लिए हिंसा का सहारा लेने वालों को कड़ा संदेश मिले।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


