
भागलपुर/नाथनगर | 26 फरवरी, 2026: भागलपुर के नाथनगर स्थित एसएस बालिका उच्च विद्यालय परिसर में आज साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ा जागरूकता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बिहार होमगार्ड के प्रशिक्षु सिपाहियों और स्थानीय ग्रामीणों को डिजिटल दुनिया के खतरों से आगाह करना और उन्हें सुरक्षित रहने के तरीके सिखाना था।
डिजिटल युग में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव: एसपी सईद राजा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसपी सईद राजा ने वर्तमान समय में बढ़ते साइबर फ्रॉड पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा:
- बढ़ता खतरा: मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और ऑनलाइन बैंकिंग ने जहाँ जीवन आसान बनाया है, वहीं ठगी के नए रास्ते भी खोल दिए हैं।
- ठगों का तरीका: साइबर अपराधी अक्सर बैंक अधिकारी, पुलिस या सरकारी कर्मचारी बनकर लोगों को लालच देते हैं या डराते हैं।
- जागरूकता का मंत्र: एसपी ने साफ तौर पर कहा कि किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज से घबराने के बजाय तुरंत अपने नजदीकी थाने या साइबर सेल को सूचित करें।
होमगार्ड के जवानों को मिली विशेष जिम्मेदारी
प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे होमगार्ड के जवानों को समाज का ‘जागरूक दूत’ बताते हुए एसपी ने उनसे अपील की:
- ग्रामीण कनेक्ट: ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी साइबर सुरक्षा को लेकर जानकारी की कमी है, जिसे दूर करने में जवान अहम भूमिका निभा सकते हैं।
- सोशल पुलिसिंग: ड्यूटी के दौरान वे आम लोगों को जागरूक करें ताकि वे अपनी मेहनत की कमाई ठगों के हवाले न कर दें।
प्रमुख ‘सुरक्षा टिप्स’ जो कार्यक्रम में साझा किए गए:
क्या करें? | क्या न करें? |
|---|---|
अनजान लिंक मिलने पर तुरंत डिलीट करें। | किसी के साथ अपना OTP या पिन साझा न करें। |
बैंक से जुड़ा काम हो तो खुद ब्रांच जाएं। | किसी ऐप को इंस्टॉल करने के लिए रिमोट एक्सेस न दें। |
साइबर ठगी होने पर 1930 पर कॉल करें। | लॉटरी या ईनाम के झांसे में आकर पैसे न भेजें। |
VOB का नजरिया: डिजिटल साक्षरता अब समय की मांग
भागलपुर पुलिस की यह पहल सराहनीय है, क्योंकि साइबर अपराधी अब शहरी इलाकों के बजाय उन ग्रामीण इलाकों को निशाना बना रहे हैं जहाँ लोग तकनीक से कम वाकिफ हैं। होमगार्ड के जवानों को इस अभियान से जोड़ना एक स्मार्ट मूव है, क्योंकि वे सीधे जनता के संपर्क में रहते हैं। याद रखिए, आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपकी जमा-पूंजी साफ कर सकती है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


