गया में बड़ी कार्रवाई: मगध मेडिकल थाना प्रभारी कृष्णा कुमार सस्पेंड, आईजी विकास वैभव ने शुरू कराई विभागीय जांच

गया: बिहार के गया जिले में पुलिस विभाग में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। मगध प्रक्षेत्र के आईजी विकास वैभव ने मगध मेडिकल थाना के थानाध्यक्ष कृष्णा कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है। उन पर एक गंभीर आपराधिक मामले की जांच में लापरवाही और संदिग्ध कार्यशैली अपनाने का आरोप है।

शिकायतों के बाद हुई प्रारंभिक जांच

आईजी कार्यालय को थानाध्यक्ष कृष्णा कुमार के खिलाफ कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसके बाद मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई। जांच में उनकी कार्यप्रणाली में गंभीर खामियां सामने आईं। विशेष रूप से मगध मेडिकल थाना कांड संख्या 224/2026 की विवेचना में वैधानिक दायित्वों का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई।

स्टेशन डायरी और दस्तावेजों की जांच में मिली अनियमितताएं

जांच के दौरान स्टेशन डायरी की प्रविष्टियों, अभिलेखों, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की बारीकी से जांच की गई। रिपोर्ट में पाया गया कि थानाध्यक्ष ने अनुसंधान के दौरान ऐसी लापरवाही बरती, जिससे जांच की दिशा और गुणवत्ता प्रभावित हुई। इससे निष्पक्ष और प्रभावी विवेचना पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका भी जताई गई।

डीएसपी-2 की रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई

मामले की विस्तृत जांच पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी-2) को सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट में थानाध्यक्ष कृष्णा कुमार की कार्यशैली को गंभीर त्रुटियों से युक्त बताया गया। उपलब्ध साक्ष्यों और जांच प्रतिवेदन के आधार पर आईजी विकास वैभव ने तत्काल प्रभाव से उनके निलंबन का आदेश जारी कर दिया।

विभागीय कार्रवाई भी शुरू

निलंबन के साथ ही कृष्णा कुमार के खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई पुलिस व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।

आईजी विकास वैभव का सख्त संदेश

आईजी विकास वैभव ने कहा,

“मगध मेडिकल थानाध्यक्ष कृष्णा कुमार के खिलाफ संदिग्ध कार्यशैली के कई साक्ष्य सामने आए थे। मगध मेडिकल थाना कांड संख्या 224/2026 के अनुसंधान में वैधानिक एवं प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही पाई गई है।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी गंभीर आपराधिक मामले की जांच में लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में जवाबदेही और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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