
पटना: बिहार सरकार ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) आवासीय विद्यालयों की सुरक्षा, अनुशासन और शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। राज्य के सभी 91 एससी-एसटी आवासीय विद्यालयों को पटना स्थित केंद्रीय कमांड कंट्रोल रूम से जोड़ दिया गया है। इसके साथ ही इन विद्यालयों की 24 घंटे ऑनलाइन निगरानी शुरू हो गई है।
सीसीटीवी कैमरों से होगी रियल-टाइम मॉनिटरिंग
एससी-एसटी कल्याण विभाग की ओर से सभी आवासीय विद्यालयों में अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की लाइव फीड सीधे पटना स्थित कमांड कंट्रोल रूम में पहुंचेगी। यहां से विभागीय अधिकारी विद्यालय परिसर, छात्रावास, भोजनालय, प्रवेश और निकास द्वार, सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन तथा अन्य दैनिक गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे।
विभाग का कहना है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता, सुरक्षा संबंधी घटना या लापरवाही सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों की उपस्थिति से लेकर भोजन की गुणवत्ता तक होगी निगरानी
नई व्यवस्था के तहत केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि विद्यालयों के संचालन की भी नियमित समीक्षा की जाएगी। कमांड कंट्रोल रूम से शिक्षकों एवं कर्मियों की उपस्थिति, छात्रावासों की व्यवस्था, साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और छात्रों को उपलब्ध कराई जा रही अन्य सुविधाओं की भी निगरानी की जाएगी। इससे विद्यालयों के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
छात्रों को मिलेगा सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल
अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को सुरक्षित, अनुशासित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित यह निगरानी प्रणाली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
शिकायतों के त्वरित समाधान में मिलेगी मदद
विभाग के अनुसार, कमांड कंट्रोल रूम से नियमित मॉनिटरिंग होने के कारण विद्यालयों में आने वाली समस्याओं की पहचान तेजी से होगी और शिकायतों का समय पर समाधान किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से राज्य के सभी एससी-एसटी आवासीय विद्यालयों की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।


