बांकीपुर उपचुनाव में बढ़ी सियासी गर्मी, BJP-जन सुराज आक्रामक, RJD की बढ़ी मुश्किलें!

पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP), जनसुराज और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपने-अपने स्तर पर चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। शुरुआती दौर में त्रिकोणीय माने जा रहे इस मुकाबले में अब राजनीतिक विश्लेषक सीधी टक्कर की संभावना भी देख रहे हैं।

BJP और जनसुराज का आक्रामक प्रचार

चुनाव प्रचार में बीजेपी और जनसुराज सबसे अधिक सक्रिय नजर आ रहे हैं। बीजेपी लगातार पोस्टर और जनसंपर्क अभियान के जरिए जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर निशाना साध रही है। वहीं प्रशांत किशोर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था, अपराध और अन्य मुद्दों पर घेरते हुए चुनावी माहौल बनाने में जुटे हैं।

RJD की धीमी चुनावी सक्रियता

दूसरी ओर, आरजेडी का प्रचार अभियान अपेक्षाकृत धीमा दिखाई दे रहा है। पार्टी के नेता तेजस्वी यादव के अब तक चुनाव प्रचार में सक्रिय रूप से नजर नहीं आने से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

विपक्षी वोटों पर टिकी नजर

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस उपचुनाव में विपक्षी वोटों का बंटवारा निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

जनसुराज प्रमुख प्रशांत किशोर लगातार अपने समर्थकों और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। वे मतदाताओं से अपील कर रहे हैं कि यदि विपक्षी वोट बंटे तो इसका सीधा फायदा बीजेपी को मिल सकता है। साथ ही उनकी कोशिश सवर्ण मतदाताओं समेत विभिन्न सामाजिक वर्गों का समर्थन हासिल करने की भी है।

BJP ने कार्यकर्ताओं को दिया संदेश

बीजेपी अपने कार्यकर्ताओं को यह संदेश देने में जुटी है कि पार्टी के उम्मीदवार को हल्के में न लें। पार्टी का कहना है कि उसने जमीनी स्तर पर काम करने वाले एक सक्रिय कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाकर संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया है।

चुनावी मुद्दों को लेकर भी घमासान

जनसुराज विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर है। पार्टी NEET पेपर लीक, भरत तिवारी एनकाउंटर और पटना के चर्चित बंटी हत्याकांड जैसे मामलों को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है।

वहीं, आरजेडी से जुड़े सूत्रों का दावा है कि पार्टी अपने पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार संपर्क अभियान चला रही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

दिलचस्प मुकाबले के आसार

बांकीपुर उपचुनाव में प्रचार अभियान तेज होने के साथ ही राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में वरिष्ठ नेताओं की सभाएं, रोड शो और जनसभाएं चुनावी मुकाबले को और रोचक बना सकती हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि मतदाताओं का रुझान किस ओर जाता है और चुनावी समीकरण किस तरह बदलते हैं।

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