
पटना: देशभर में चर्चित NEET पेपर लीक मामले में पटना हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने मामले के आरोपी अश्विनी कुमार उर्फ बबलू उर्फ बबलू भूमिहार को नियमित जमानत प्रदान कर दी है। यह आदेश जस्टिस अशोक कुमार पांडेय की एकलपीठ ने आरोपी की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद दिया।
बचाव पक्ष ने कोर्ट में क्या दलील दी?
सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उसका नाम मूल प्राथमिकी (एफआईआर) में दर्ज नहीं है। बचाव पक्ष का कहना था कि आरोपी का नाम केवल एक सह-अभियुक्त के कथित स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर सामने आया है। साथ ही यह भी दलील दी गई कि उसके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य उपलब्ध नहीं है और उसे गलत तरीके से इस मामले में फंसाया गया है।
सरकार ने जमानत का किया विरोध
राज्य सरकार की ओर से पेश सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामला बेहद गंभीर प्रकृति का है। अभियोजन पक्ष ने यह भी दलील दी कि आरोपी के खिलाफ अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज हैं, इसलिए उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया?
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पटना हाईकोर्ट ने उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आरोपी को नियमित जमानत देने का आदेश दिया। कोर्ट ने निचली अदालत को निर्देश दिया कि 10-10 हजार रुपये के दो निजी मुचलकों पर आरोपी को रिहा किया जाए।
देशभर में सुर्खियों में रहा था मामला
NEET पेपर लीक मामला देशभर में व्यापक चर्चा का विषय रहा है। इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं और अब तक कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। जांच अभी भी जारी है और एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।


