श्रावणी मेले को भव्य और आकर्षक बनाने की तैयारी तेज, ड्रोन शो और टेंट सिटी समेत कई योजनाओं पर हुई समीक्षा

भागलपुर, 17 जुलाई: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की शुरुआत जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे प्रशासनिक तैयारियों में तेजी देखने को मिल रही है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनने वाले इस धार्मिक आयोजन को इस बार और अधिक भव्य, व्यवस्थित और आकर्षक बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग ने तैयारियों की व्यापक समीक्षा की है। मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी कई नई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

इसी क्रम में सुल्तानगंज में जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें श्रावणी मेले से जुड़ी व्यवस्थाओं, विकास कार्यों और पर्यटन सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और समयबद्ध तरीके से सभी तैयारियों को पूरा करने का भरोसा दिया।

बैठक में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि श्रावणी मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और उन्हें सुरक्षित, स्वच्छ तथा सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया।

श्रावणी मेला केवल बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। हर वर्ष देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंचते हैं और यहां उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए अपनी यात्रा शुरू करते हैं। इस यात्रा के दौरान सुल्तानगंज लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन जाता है और पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल देखने को मिलता है।

इस बार मेले को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से कई विशेष योजनाएं तैयार की गई हैं। इनमें ड्रोन शो, जर्मन हैंगर, टेंट सिटी और अन्य पर्यटन सुविधाओं को प्रमुखता दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि इन व्यवस्थाओं से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी।

बैठक के दौरान ड्रोन शो को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है। ड्रोन शो के जरिए धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को प्रस्तुत करने की संभावना पर विचार किया गया, जिससे मेले का स्वरूप और अधिक भव्य दिखाई दे सके।

इसके अलावा श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जर्मन हैंगर और टेंट सिटी की योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। हर वर्ष श्रावणी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन के कारण ठहरने की व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से युक्त अस्थायी आवास व्यवस्था तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

टेंट सिटी को इस तरह विकसित करने की योजना है कि यहां श्रद्धालुओं को सुरक्षित और आरामदायक वातावरण मिल सके। इसमें रहने, विश्राम, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इससे श्रद्धालुओं को काफी राहत मिलेगी और उन्हें खुले स्थानों या असुविधाजनक परिस्थितियों में रुकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

बैठक के दौरान धांधी बेलारी क्षेत्र का भी निरीक्षण किया गया। यह क्षेत्र श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं के ठहराव और अन्य व्यवस्थाओं के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उपलब्ध संसाधनों और संभावित आवश्यकताओं का आकलन किया और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक के बाद जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तावित स्थलों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान ड्रोन शो, जर्मन हैंगर और टेंट सिटी के लिए संभावित स्थानों का अवलोकन किया गया। विभिन्न विकल्पों पर चर्चा के बाद कई स्थलों और रूटों को अंतिम रूप दिया गया ताकि समय रहते निर्माण और विकास कार्य शुरू किए जा सकें।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए यातायात प्रबंधन पर भी विशेष चर्चा हुई। हर वर्ष श्रावणी मेले के दौरान लाखों लोगों और हजारों वाहनों की आवाजाही होती है, जिससे यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। इस बार बेहतर ट्रैफिक प्लानिंग और वैकल्पिक मार्गों पर भी विचार किया गया है।

बैठक में स्वच्छता व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण विषय के रूप में शामिल किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मेला क्षेत्र, गंगा घाटों और कांवड़िया पथ पर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा पर्याप्त संख्या में शौचालयों की व्यवस्था और कचरा प्रबंधन प्रणाली को भी मजबूत बनाने पर बल दिया गया।

पेयजल और विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था को लेकर भी विभागीय अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली गई। प्रशासन का लक्ष्य है कि मेला क्षेत्र में किसी भी स्थान पर पानी या बिजली की समस्या उत्पन्न न हो। इसके लिए अतिरिक्त संसाधनों और वैकल्पिक व्यवस्थाओं की योजना तैयार की जा रही है।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस सेवा और आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की पर्याप्त तैनाती पर भी जोर दिया गया।

आपदा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सतर्क नजर आया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके अंतर्गत पुलिस बल की तैनाती, निगरानी व्यवस्था और बचाव दलों की तैयारी को भी शामिल किया गया है।

अधिकारियों ने कहा कि सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने-अपने कार्यों को पूरा करना होगा। गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अंतिम समय में किसी प्रकार की परेशानी उत्पन्न न हो।

जिला प्रशासन का मानना है कि श्रावणी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि राज्य की सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। यही कारण है कि इस बार मेले को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ आयोजित करने की दिशा में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी विभागों के कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी और समय-समय पर समीक्षा बैठकों का आयोजन किया जाएगा। यदि किसी विभाग की ओर से लापरवाही या देरी सामने आती है तो उस पर आवश्यक कार्रवाई भी की जा सकती है।

श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और यादगार अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशासन लगातार तैयारियों में जुटा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार का श्रावणी मेला न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि पर्यटन और व्यवस्थाओं के लिहाज से भी विशेष होगा।

सुल्तानगंज और आसपास के क्षेत्रों में भी श्रावणी मेले को लेकर उत्साह बढ़ता जा रहा है। स्थानीय व्यापारी, सामाजिक संगठन और आम नागरिक भी इस आयोजन को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाने की तैयारी कर रहे हैं।

आने वाले दिनों में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन के साथ सुल्तानगंज एक बार फिर आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनने जा रहा है। ऐसे में प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए इस आयोजन को यादगार बनाया जाए और धार्मिक पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।

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