
पटना: बिहार में स्कूली शिक्षा को नई दिशा देने की तैयारी पूरी हो चुकी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आगामी 19 जुलाई को राज्य के 540 मॉडल स्कूलों का उद्घाटन करेंगे। इन सभी विद्यालयों का नाम ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ रखा जाएगा। राज्य सरकार का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में आधुनिक शिक्षा, बेहतर आधारभूत सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
उद्घाटन समारोह को लेकर शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और मॉडल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के साथ ऑनलाइन बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की गई।
19 जुलाई को होगा राज्यव्यापी उद्घाटन
शिक्षा विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एक साथ राज्यभर के 540 मॉडल स्कूलों का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर विभिन्न जिलों में भी स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे।
उद्घाटन के बाद इन विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
‘सरस्वती विद्या निकेतन’ होगा नया नाम
सरकार ने निर्णय लिया है कि सभी 540 मॉडल स्कूलों का नाम ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ होगा। इन विद्यालयों को आधुनिक शिक्षण प्रणाली, डिजिटल संसाधनों और बेहतर शैक्षणिक वातावरण से लैस किया जाएगा, ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
ऑनलाइन बैठक में तैयारियों की समीक्षा
उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर आयोजित ऑनलाइन बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, मंच व्यवस्था, तकनीकी तैयारियों, सुरक्षा, विद्यार्थियों की भागीदारी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं ताकि उद्घाटन कार्यक्रम का सफल आयोजन सुनिश्चित हो सके।
155 और स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाने की योजना
राज्य सरकार केवल 540 विद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगी। शिक्षा विभाग ने 155 अतिरिक्त विद्यालयों को भी मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। इन विद्यालयों में भी चरणबद्ध तरीके से आधारभूत संरचना, स्मार्ट क्लासरूम, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की पहल
सरकार का कहना है कि मॉडल स्कूल योजना का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना, विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करना है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के छात्रों को समान गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि मॉडल स्कूलों के संचालन से विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार होगा और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं व उच्च शिक्षा के लिए बेहतर आधार मिलेगा।
19 जुलाई को होने वाले उद्घाटन के साथ बिहार में सरकारी विद्यालयों के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि यह पहल राज्य की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत तथा प्रतिस्पर्धी बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।


