NEET री-एग्जाम फर्जीवाड़ा: बिहार में बड़े खुलासे की तैयारी, 30 आरोपी 72 घंटे की रिमांड पर, EOU करेगी आमने-सामने पूछताछ

पटना: बिहार में चर्चित NEET री-एग्जाम फर्जीवाड़ा मामले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मामले में बड़ा कदम उठाते हुए 30 आरोपियों को 72 घंटे की रिमांड पर लेने की अनुमति हासिल कर ली है। अब विशेष जांच टीम (SIT) सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करने की तैयारी में है।

कोर्ट से मिली रिमांड, शुरू होगी गहन पूछताछ

EOU की विशेष जांच टीम ने लखीसराय मंडल कारा में बंद 30 आरोपियों को रिमांड पर लिया है। न्यायालय की अनुमति मिलने के बाद अब आरोपियों से अलग-अलग और आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी।

तीन मामलों में जांच तेज

यह कार्रवाई किऊल और कवैया थाना में दर्ज तीन अलग-अलग मामलों के तहत की जा रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि पूछताछ से प्रश्नपत्र लीक, सॉल्वर गैंग, अभ्यर्थियों से कथित वसूली और पूरे नेटवर्क से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

अलग-अलग और आमने-सामने होगी पूछताछ

सूत्रों के अनुसार SIT पहले सभी आरोपियों के अलग-अलग बयान दर्ज करेगी। इसके बाद उन्हें आमने-सामने बैठाकर बयानों का मिलान किया जाएगा, ताकि साजिश की असली कड़ियां सामने आ सकें।

बिहार से बाहर तक फैले नेटवर्क की जांच

जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि री-एग्जाम में गड़बड़ी की साजिश किस स्तर पर रची गई, इसमें किन लोगों की भूमिका थी और क्या इसका नेटवर्क बिहार से बाहर अन्य राज्यों तक फैला हुआ है।

पहले भी हुई थी कई जगह छापेमारी

EOU इससे पहले कई स्थानों पर छापेमारी कर दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त कर चुकी है। अब रिमांड के दौरान मिलने वाली जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर नए आरोपियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

रिमांड पूरी होने के बाद फिर कोर्ट में पेश होंगे आरोपी

72 घंटे की रिमांड समाप्त होने के बाद सभी आरोपियों को दोबारा न्यायालय में पेश किया जाएगा। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

“छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए”

चर्चित प्राध्यापक डॉ. रहमान ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसमें शामिल हर व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

“छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। चाहे कितना भी रसूखदार व्यक्ति क्यों न हो, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। हमें जांच एजेंसियों पर भरोसा है।”डॉ. रहमान, प्राध्यापक

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