RE-NEET 2026 फर्जीवाड़ा: PMCH का बड़ा एक्शन, MBBS छात्र अश्विनी कुमार निलंबित, सॉल्वर गैंग की जांच तेज

पटना: बिहार में RE-NEET 2026 परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े के मामले ने अब मेडिकल संस्थानों तक हलचल मचा दी है। पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) प्रशासन ने MBBS 2022 बैच के छात्र अश्विनी कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही जीवक छात्रावास में आवंटित उनका कमरा संख्या-219 भी रद्द कर दिया गया है।

कॉलेज प्रशासन की इस कार्रवाई को परीक्षा फर्जीवाड़े के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है। प्राचार्य कार्यालय की ओर से जारी आदेश के बाद यह साफ हो गया है कि जांच एजेंसियों के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थान भी मामले को गंभीरता से ले रहे हैं।

डमी कैंडिडेट और सॉल्वर गैंग से जुड़ा मामला

पुलिस जांच के अनुसार RE-NEET 2026 परीक्षा में कथित तौर पर एक संगठित गिरोह सक्रिय था, जो असली अभ्यर्थियों की जगह डमी कैंडिडेट को परीक्षा में बैठाने का काम करता था। जांच के दौरान कई बिचौलियों, बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़े कर्मचारियों और कथित डमी अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया था।

जांच की कड़ी अब मेडिकल कॉलेजों के छात्रों तक पहुंच चुकी है। पुलिस को शक है कि कुछ मेडिकल छात्र सॉल्वर के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे थे।

कई राज्यों तक फैला नेटवर्क

आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क केवल बिहार तक सीमित नहीं था। इसके तार दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, झारखंड और ओडिशा तक जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लेकर उन्हें परीक्षा में सफलता दिलाने की साजिश रची जाती थी।

30 गिरफ्तार, कई मेडिकल छात्रों के नाम सामने

लखीसराय में आयोजित RE-NEET परीक्षा के दौरान पुलिस ने 30 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें:

  • 9 कथित डमी अभ्यर्थी,
  • 18 बायोमेट्रिक सत्यापन कर्मचारी,
  • तथा अन्य आरोपी शामिल थे।

पूछताछ में कई मेडिकल छात्रों के नाम सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

अन्य मेडिकल कॉलेज भी जांच के घेरे में

सूत्रों के मुताबिक जांच केवल PMCH तक सीमित नहीं है। बिहार के अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों के छात्रों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद कथित डमी अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों में कैसे प्रवेश कर गए।

इसके लिए:

  • CCTV फुटेज,
  • कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR),
  • डिजिटल डेटा,
  • बैंकिंग और वित्तीय लेनदेन

की गहन जांच की जा रही है।

आगे और बड़ी कार्रवाई संभव

PMCH द्वारा छात्र को निलंबित किए जाने के बाद माना जा रहा है कि यदि जांच में अन्य छात्रों की संलिप्तता सामने आती है तो संबंधित मेडिकल कॉलेज भी अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकते हैं। हालांकि अंतिम निर्णय पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्ष पर निर्भर करेगा।

RE-NEET 2026 पर उठे बड़े सवाल

नीट 2024 पेपर लीक विवाद के बाद एक बार फिर बिहार राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। RE-NEET 2026 में कथित सॉल्वर गैंग और डमी कैंडिडेट नेटवर्क के खुलासे ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं यह कोई पुराना और संगठित नेटवर्क तो नहीं, जो वर्षों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सक्रिय रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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