
भागलपुर। भारतीय रेलवे द्वारा बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाने और रेल राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सघन जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने गुरुवार को भागलपुर–गोड्डा और भागलपुर–जमालपुर रेलखंड पर व्यापक टिकट जांच अभियान चलाया। इस विशेष अभियान के दौरान बिना टिकट और अनियमित तरीके से यात्रा कर रहे 514 यात्रियों को पकड़ा गया। रेलवे ने इन मामलों में कुल 5 लाख 40 हजार 700 रुपये का जुर्माना वसूल किया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि यात्रियों में नियमों के पालन के प्रति जागरूकता बढ़े और रेलवे को होने वाले राजस्व नुकसान पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
रेलवे प्रशासन के अनुसार यह अभियान पूर्व रेलवे के मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। अभियान का नेतृत्व वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कार्तिक सिंह ने किया। इस दौरान वाणिज्य विभाग, टिकट जांच कर्मचारियों और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की संयुक्त टीम ने कई स्टेशनों और ट्रेनों में एक साथ जांच अभियान चलाया।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि टिकट जांच अभियान केवल स्टेशनों तक सीमित नहीं था, बल्कि चलती ट्रेनों में भी विशेष जांच की गई। टीमों ने अलग-अलग ट्रेनों में यात्रियों के टिकटों की जांच की और बिना टिकट यात्रा करने वाले लोगों के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की। जांच के दौरान ऐसे यात्रियों पर भी कार्रवाई की गई, जो गलत श्रेणी में यात्रा कर रहे थे, निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर रहे थे या अनियमित टिकट के साथ सफर कर रहे थे।
अभियान के तहत भागलपुर–गोड्डा और भागलपुर–जमालपुर रेलखंड के कई महत्वपूर्ण स्टेशनों को विशेष रूप से शामिल किया गया। इनमें कोइली खुटाहा हॉल्ट, धौनी, गोनू धाम हॉल्ट, हटपुरैनी हॉल्ट, टिकानी, मंदार हिल सहित अन्य स्टेशन शामिल रहे। इन सभी स्थानों पर तैनात टीमों ने आने-जाने वाली ट्रेनों में सवार यात्रियों के टिकटों का गहन सत्यापन किया।
रेलवे के अनुसार अभियान के दौरान कुल 514 मामले सामने आए, जिनमें यात्रियों के पास वैध टिकट नहीं था या वे रेलवे के निर्धारित यात्रा नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। इन सभी मामलों में रेलवे अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया गया। कुल मिलाकर 5 लाख 40 हजार 700 रुपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई यात्रियों को नियमों के प्रति जागरूक करने और रेलवे के राजस्व की सुरक्षा के उद्देश्य से की गई है।
रेलवे प्रशासन का मानना है कि बिना टिकट यात्रा केवल नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि इससे रेलवे को आर्थिक नुकसान भी होता है। यही कारण है कि समय-समय पर विशेष टिकट जांच अभियान चलाकर ऐसे मामलों पर नियंत्रण किया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों द्वारा खरीदा गया प्रत्येक टिकट रेलवे के संचालन, ट्रैक के रखरखाव, यात्री सुविधाओं के विस्तार और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस अभियान में वाणिज्य निरीक्षकों, टिकट जांच कर्मचारियों और रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। आरपीएफ के जवानों की मौजूदगी के कारण जांच प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। जिन यात्रियों के पास टिकट नहीं मिले, उनसे नियमानुसार जुर्माना वसूला गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के विशेष अभियान पहले भी चलाए जाते रहे हैं और आगे भी नियमित अंतराल पर जारी रहेंगे। विशेष रूप से उन रेलखंडों और ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां बिना टिकट यात्रा की शिकायतें अधिक मिलती हैं। इसके लिए समय-समय पर विशेष रणनीति तैयार की जाती है और अलग-अलग टीमों को तैनात किया जाता है।
रेलवे का कहना है कि कई बार यात्री जल्दबाजी या लापरवाही में टिकट नहीं लेते, जबकि कुछ लोग जानबूझकर बिना टिकट यात्रा करते हैं। दोनों ही स्थितियों में रेलवे नियम स्पष्ट हैं और बिना वैध टिकट यात्रा करना दंडनीय अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में जुर्माने के साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने टिकट खरीदने के कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं। यात्री रेलवे आरक्षण काउंटर, अनारक्षित टिकट काउंटर, ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन और डिजिटल माध्यमों के जरिए आसानी से टिकट खरीद सकते हैं। इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति बिना टिकट यात्रा करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि टिकट जांच अभियान का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं है, बल्कि यात्रियों को नियमों के प्रति जागरूक करना भी है। वैध टिकट के साथ यात्रा करने से न केवल यात्री किसी कानूनी परेशानी से बचते हैं, बल्कि रेलवे को मिलने वाले राजस्व से नई सुविधाओं के विकास और मौजूदा सेवाओं को बेहतर बनाने में भी मदद मिलती है।
मालदा मंडल लगातार अपने क्षेत्र में यात्री सुविधाओं के विस्तार और रेल सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके साथ ही रेलवे सुरक्षा, स्वच्छता, समयबद्ध संचालन और टिकट जांच जैसे अभियानों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि सभी यात्री नियमों का पालन करें तो रेलवे व्यवस्था और अधिक प्रभावी तथा सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी।
रेलवे प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले हमेशा वैध टिकट अवश्य खरीदें और यात्रा के दौरान उसे अपने पास सुरक्षित रखें। यदि टिकट जांच के दौरान कोई यात्री बिना टिकट या अनियमित टिकट के साथ पाया जाता है तो उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यात्रियों से यह भी अनुरोध किया गया है कि वे टिकट जांच अभियान के दौरान रेलवे कर्मचारियों का सहयोग करें और यात्रा से जुड़े सभी नियमों का पालन करें।
फिलहाल मालदा मंडल ने स्पष्ट किया है कि रेलवे राजस्व की सुरक्षा, यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा उपलब्ध कराने तथा बिना टिकट यात्रा पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ऐसे सघन टिकट जांच अभियान आने वाले समय में भी लगातार जारी रहेंगे। रेलवे का उद्देश्य नियमों का पालन सुनिश्चित करना, यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाना और सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित एवं व्यवस्थित रेल यात्रा उपलब्ध कराना है।


