
भागलपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने अपने स्थापना दिवस और राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के अवसर पर जिले के विभिन्न महाविद्यालयों एवं नगर इकाइयों में कई शैक्षणिक, बौद्धिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं की भागीदारी के साथ ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताएं, संगोष्ठियां, कार्यकर्ता मिलन समारोह और संगठन के उद्देश्यों पर आधारित विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में शिक्षा, राष्ट्र निर्माण, छात्र नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। विभिन्न कॉलेजों में आयोजित गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को संगठन के इतिहास, उद्देश्य और छात्रहित में किए गए कार्यों की जानकारी भी दी गई।
स्थापना दिवस के अवसर पर जिले के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। एस.एम. कॉलेज में पारंपरिक कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंजूषा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के माध्यम से स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। प्रतिभागियों ने मंजूषा कला के विभिन्न स्वरूपों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की।
मारवाड़ी कॉलेज में संगोष्ठी के साथ सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की गई। संगोष्ठी में शिक्षा के बदलते स्वरूप, विद्यार्थियों की सामाजिक भूमिका, नेतृत्व क्षमता के विकास और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी जैसे विषयों पर विचार रखे गए। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक उपलब्धियां ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों को सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति भी सजग रहना चाहिए। इसके बाद आयोजित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया और अपनी बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन किया।
टी.एन.बी. कॉलेज में भी सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामान्य अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ाना, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित करना और समसामयिक विषयों की जानकारी विकसित करना था। प्रतियोगिता में शामिल छात्रों ने विभिन्न विषयों से जुड़े प्रश्नों का उत्तर देकर अपनी जानकारी का परिचय दिया। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाती हैं।
सुल्तानगंज इकाई द्वारा आयोजित संगोष्ठी में शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और सामाजिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सबसे प्रभावी साधन भी है। युवाओं को अपने ज्ञान और क्षमता का उपयोग समाज तथा राष्ट्र के विकास में करना चाहिए।
भागलपुर नगर में स्थापना दिवस के अवसर पर नूतन–पुरातन कार्यकर्ता मिलन समारोह भी आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में संगठन के वर्तमान और पूर्व कार्यकर्ताओं ने एक साथ भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए। लंबे समय से संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने अपने छात्र जीवन की गतिविधियों, संगठनात्मक अनुभवों और विभिन्न आंदोलनों की यादों को नए कार्यकर्ताओं के साथ साझा किया। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को संगठन की कार्यशैली, विचारधारा और परंपराओं से परिचित कराना था, ताकि संगठन की निरंतरता और मजबूती बनी रहे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भागलपुर नगर के विधायक और विद्यार्थी परिषद के पूर्व कार्यकर्ता रोहित पांडे उपस्थित रहे। उन्होंने स्थापना दिवस और राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के अवसर पर सभी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद ने वर्षों से छात्रों के हितों को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा, समाज और राष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि संगठन का मूल मंत्र “ज्ञान, शील और एकता” केवल एक नारा नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के जीवन का मार्गदर्शक सिद्धांत है। इसी विचार के आधार पर परिषद ने देशभर में लाखों विद्यार्थियों को सकारात्मक दिशा देने का कार्य किया है।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि छात्र जीवन किसी भी व्यक्ति के भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण अवधि होती है। इसी समय विकसित होने वाले विचार, संस्कार और नेतृत्व क्षमता आगे चलकर समाज और राष्ट्र की दिशा तय करते हैं। उन्होंने युवाओं से शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में भी सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की और कहा कि जागरूक विद्यार्थी ही सशक्त समाज और विकसित भारत की नींव रखते हैं।
कार्यक्रम के दौरान संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थी परिषद लगातार छात्रहित, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, रोजगार, कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर कार्य करती रही है। संगठन समय-समय पर विद्यार्थियों की समस्याओं को संबंधित मंचों तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए भी सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।
आयोजकों ने बताया कि स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के बीच बौद्धिक जागरूकता, नेतृत्व क्षमता, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना भी था। विभिन्न प्रतियोगिताओं और संगोष्ठियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने विचार व्यक्त करने, नई जानकारी प्राप्त करने और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा में भाग लेने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में प्रो. कामाख्या प्रसाद, प्रदेश सह मंत्री कुणाल पांडे, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैप्पी आनंद, जिला विद्यार्थी विस्तारक राजीव रंजन, जिला संयोजक पीयूष भारती, जिला छात्रा प्रमुख निधि कुमारी, अमन राव, सुमित सहित संगठन के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने विद्यार्थियों के बीच संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा शिक्षा और समाज से जुड़े विषयों पर निरंतर सक्रिय रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
समापन सत्र में सभी कार्यकर्ताओं ने संगठन के मूल सिद्धांतों और आदर्शों के अनुरूप कार्य करने का संकल्प लिया। उन्होंने छात्रहित, शिक्षा की गुणवत्ता, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर निरंतर सक्रिय रहने तथा युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं ने विश्वास जताया कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने, संगठनात्मक एकता मजबूत करने और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।


