
भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की मंगलवार को तेरहवीं आयोजित की गई। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए गांव में व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। आयोजकों के अनुसार, श्राद्ध भोज में करीब 20 से 25 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई है, जबकि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त 15 हजार लोगों के लिए भी पर्याप्त राशन सुरक्षित रखा गया है।

दोपहर से ही श्राद्ध भोज शुरू हो गया और दूर-दराज से लोगों का गांव पहुंचना लगातार जारी है। बाहर से आने वाले लोगों की सुविधा के लिए गांव के समीप खेतों में दो बड़े टेंट लगाए गए हैं। बैठने के लिए बड़ी संख्या में कुर्सियां और विश्राम के लिए पलंग की व्यवस्था की गई है।
भरत तिवारी के घर के सामने विशाल शामियाना लगाया गया है। गर्मी और उमस को देखते हुए कूलर और पंखों की भी व्यवस्था की गई है। मृतक के पिता काशीनाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी ने बताया कि बिहार के अलावा अन्य राज्यों और नेपाल से भी लोगों के आने की सूचना है। इसी कारण ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष इंतजाम किया गया है।

श्राद्ध कार्यक्रम के दौरान अखंड पूजा और करीब 15 हजार लोगों के लिए प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई है। बड़ी भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन भी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क है।
इस अवसर पर परिजनों और समर्थकों ने एक बार फिर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई। मृतक के भाई चंदन तिवारी ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है, लेकिन स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है।

भरत तिवारी की मां आशा देवी ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सामान्य मामलों में तत्काल गिरफ्तारी हो जाती है, लेकिन इस मामले में आरोपित पुलिसकर्मी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होने तक परिवार को न्याय नहीं मिलेगा।
भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी ने बताया कि श्राद्ध कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है और आने वालों की वास्तविक संख्या का अनुमान लगाना कठिन है।
इस बीच, महापंचायत से जुड़े पंकज त्रिपाठी ने प्रशासन पर मामले को दबाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अधिकारियों को पहले ही कार्रवाई के लिए समय दिया गया था, लेकिन अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए।
वहीं, भाजपा विधायक आनंद मिश्रा ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर गलती हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


