
खगड़िया: बिहार पुलिस की रेडियो ऑपरेटर प्रतियोगिता परीक्षा में कथित सॉल्वर गैंग के जरिए अभ्यर्थियों को अवैध लाभ पहुंचाने की साजिश का खगड़िया पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में खगड़िया थाना कांड संख्या 126/26 (28 जून 2026) दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
गुप्त सूचना के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार जिला आसूचना इकाई (DIU) को सूचना मिली थी कि एक संगठित गिरोह परीक्षा में कदाचार कराने और अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से सफल कराने की तैयारी में जुटा है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-1) और साइबर डीएसपी के नेतृत्व में की गई छापेमारी में 15 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
मोबाइल, एटीएम कार्ड और लग्जरी वाहन जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया है, जिनमें शामिल हैं—
- 9 मोबाइल फोन
- 7 बैंक चेक
- 9 एटीएम कार्ड
- शैक्षणिक प्रमाणपत्र
- आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज
- 2 लग्जरी चारपहिया वाहन
- 1 मोटरसाइकिल
पुलिस सभी बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है।
कई जिलों से जुड़े आरोपी
गिरफ्तार आरोपी भोजपुर, खगड़िया, पटना, वैशाली, नवादा और अरवल जिलों के रहने वाले हैं। पुलिस अब गिरोह के मुख्य सरगना, वित्तीय नेटवर्क और परीक्षा में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
विशेष टीम ने की संयुक्त कार्रवाई
इस अभियान में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मुकुल रंजन, साइबर डीएसपी निशांत गौरव, खगड़िया थानाध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता, चित्रगुप्तनगर थानाध्यक्ष नवीन कुमार, डीआईयू टीम और सशस्त्र पुलिस बल ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
परीक्षा की पारदर्शिता पर फिर उठे सवाल
घटना के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं। हाल के वर्षों में कई परीक्षाओं में सॉल्वर गैंग और पेपर लीक जैसे मामलों के सामने आने के बाद भी ऐसे गिरोह सक्रिय होने से प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है।
मुख्य सरगना की तलाश जारी
खगड़िया के पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। जांच के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। यदि किसी और की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार लोगों में कुछ अभ्यर्थी भी शामिल हैं, जबकि कुछ ऐसे लोग हैं जो अभ्यर्थियों से नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूलने की फिराक में थे।


