
गया: झारखंड के जंगलों से भटककर आए दो जंगली हाथियों ने बिहार के गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र में दहशत फैला दी है। दोनों हाथी घनी आबादी वाले इलाकों में घूमते देखे गए, जिसके बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर लौटाने की कोशिश में जुटी हुई है।
झुंड से बिछड़कर पहुंचे बिहार
जानकारी के अनुसार, दोनों जंगली हाथी झारखंड के हजारीबाग के जंगलों से अपने झुंड से बिछड़ गए और गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र के गन्नी पिपरा इलाके में पहुंच गए। आबादी वाले क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी से लोगों में भय का माहौल है।
हाथियों के पीछे दौड़ रहे ग्रामीण
दोनों हाथियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके पीछे-पीछे चल रहे हैं। कई लोग शोर मचाकर और उन्हें भगाने की कोशिश कर रहे हैं। वन विभाग ने इसे बेहद खतरनाक बताया है।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की हरकत से हाथी आक्रामक हो सकते हैं और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
कुत्तों से भगाने की कोशिश बनी चिंता
स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ ग्रामीण कुत्तों की मदद से हाथियों को गांव से बाहर खदेड़ने का प्रयास कर रहे हैं। वन विभाग ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसा करने से हाथी भड़क सकते हैं और जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।
वन विभाग और पुलिस ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही गुरपा वन क्षेत्र की टीम और फतेहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। वन अधिकारी लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं और उन्हें सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर वापस भेजने का प्रयास कर रहे हैं।
10 साल पहले भी मचा चुके हैं उत्पात
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि करीब 10 वर्ष पहले भी हाथियों का एक झुंड इसी इलाके में पहुंचा था। उस दौरान कई मकानों को नुकसान पहुंचा था और एक व्यक्ति घायल हो गया था। इसी वजह से इस बार भी लोग डरे हुए हैं।
वन विभाग ने जारी की चेतावनी
गुरपा वन क्षेत्र के रेंजर रजनीश कुमार ने बताया कि हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर लौटाने की कार्रवाई जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि—
- हाथियों के पास न जाएं।
- उन्हें उकसाने या भगाने की कोशिश न करें।
- किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग या पुलिस को दें।
- अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
वन विभाग का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।


