
अयोध्या के राम मंदिर में चंदा और दान राशि को लेकर उठे विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। बिहार के बक्सर से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सांसद सुधाकर सिंह ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को कानूनी नोटिस भेजकर पिछले चार वर्षों में प्राप्त दान और खर्च का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है।
सुधाकर सिंह ने अपने अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास, महासचिव चंपत राय और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी समेत अन्य पदाधिकारियों को नोटिस भेजा है। नोटिस में वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक के ऑडिटेड खातों, आय-व्यय विवरण, बैंक खातों, जमीन खरीद रिकॉर्ड और विदेशी दान से संबंधित जानकारी मांगी गई है।
यह विवाद तब और बढ़ गया जब समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक पवन पांडे ने राम मंदिर के चंदे में करोड़ों रुपये की कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया। हालांकि, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद बताया है।
वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए मंदिर प्रशासन से जुड़े सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की बात कही है। बढ़ते विवाद के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए एसआईटी गठित की है, जिसने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
अब सबकी नजर जांच के नतीजों और ट्रस्ट की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। राम मंदिर जैसे आस्था के केंद्र से जुड़े इस विवाद ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर बहस छेड़ दी है।


