“समर्पित कार्यकर्ताओं का टोटा पड़ गया क्या?” सुनील सिंह की उम्मीदवारी पर रोहिणी आचार्य नाराज

बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच Rashtriya Janata Dal में अंदरूनी असहमति खुलकर सामने आ गई है। पूर्व विधान परिषद सदस्य Sunil Kumar Singh को दोबारा उम्मीदवार बनाए जाने पर राजद सुप्रीमो Lalu Prasad Yadav की बेटी रोहिणी आचार्य ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई है।

सोमवार को सुनील कुमार सिंह ने राजद नेताओं के साथ विधानसभा पहुंचकर विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। इसके कुछ ही समय बाद रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबी पोस्ट लिखकर बिना नाम लिए सुनील सिंह पर गंभीर आरोप लगाए।

रोहिणी आचार्य ने अपनी पोस्ट में गुटबाजी, भीतरघात, विश्वासघात और पार्टी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि ऐसे व्यक्ति को दोबारा उम्मीदवार कैसे बनाया गया, जबकि पार्टी में कई समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ता मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी की स्थापना से लेकर आज तक कई अल्पसंख्यक, यादव, दलित, पिछड़े और वंचित समाज के नेता संगठन के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं, लेकिन उनकी अनदेखी की जा रही है।

रोहिणी ने अपनी पोस्ट में यह भी संकेत दिया कि ऐसे फैसलों के कारण पार्टी को पहले भी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा है और कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा है। हालांकि उन्होंने अपनी पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे सीधे तौर पर सुनील कुमार सिंह की उम्मीदवारी से जोड़कर देखा जा रहा है।

दूसरी ओर, राजद नेतृत्व ने एक बार फिर सुनील कुमार सिंह पर भरोसा जताया है। उन्हें पार्टी का वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi का करीबी माना जाता है। वर्ष 2020 में भी उन्हें विधान परिषद भेजा गया था।

विधान परिषद चुनाव के मौजूदा गणित को देखते हुए राजद की एक सीट लगभग सुरक्षित मानी जा रही है। महागठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल होने के कारण सुनील कुमार सिंह की जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

हालांकि, रोहिणी आचार्य की सार्वजनिक नाराजगी ने पार्टी के भीतर चल रही संभावित असहमति और गुटबाजी की चर्चाओं को फिर से हवा दे दी है। अब देखना होगा कि राजद नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और इसका पार्टी की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।

“समर्पित कार्यकर्ताओं का टोटा पड़ गया क्या?” सुनील सिंह की उम्मीदवारी पर रोहिणी आचार्य नाराज

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