
दानापुर स्थित बिहार रेजिमेंट सेंटर के परेड ग्राउंड में रविवार को अग्निपथ योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सातवें बैच के 1045 अग्निवीरों की भव्य पासिंग आउट परेड आयोजित की गई। 24 सप्ताह का कठिन सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इन युवाओं ने भारतीय सेना में अपनी सेवा यात्रा की महत्वपूर्ण शुरुआत की।
हरे सैन्य परिधान और रंग-बिरंगी टोपी पहने अग्निवीरों ने शानदार मार्च पास्ट कर अपने अनुशासन, आत्मविश्वास और देशभक्ति का प्रदर्शन किया। परेड का निरीक्षण और सलामी जय सिंह बैंसला ने ली। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अग्निवीरों के अभिभावक और परिजन भी मौजूद रहे।
मेजर जनरल जय सिंह बैंसला ने सभी अग्निवीरों को बधाई देते हुए कहा कि सेना में सेवा का अवसर समर्पण, अनुशासन और कठिन परिश्रम के बाद ही प्राप्त होता है। उन्होंने जवानों से तिरंगे के सम्मान और मातृभूमि की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखने का आह्वान किया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अग्निवीरों को सम्मानित भी किया गया—
- बेस्ट फायरिंग: अग्निवीर दयाराम चिछम
- बेस्ट पीटी: अग्निवीर निर्मल नागेशिना
- बेस्ट ड्रिल: अग्निवीर गुलाब धुर्वे
- बेस्ट अग्निवीर: अग्निवीर गुलाब धुर्वे
समारोह के दौरान सम्मानित अग्निवीरों के माता-पिता को भी मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया, जिससे माहौल भावुक और गौरवपूर्ण बन गया।
परेड के समापन पर सभी 1045 अग्निवीरों ने राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने की शपथ ली। अब ये नवसैनिक भारतीय सेना की विभिन्न इकाइयों में शामिल होकर देशसेवा का दायित्व निभाएंगे।
यह पासिंग आउट परेड न केवल सैन्य अनुशासन और परंपरा का प्रतीक बनी, बल्कि देश के युवाओं में राष्ट्रसेवा के जज्बे की भी प्रेरणादायक मिसाल साबित हुई।


