विक्रमशिला सेतु संकट के बीच यात्रियों को राहत, भागलपुर–कटिहार अनारक्षित विशेष ट्रेन 4 जून तक चलेगी

भागलपुर। दक्षिण बिहार और सीमांचल क्षेत्र के लाखों यात्रियों के लिए रेलवे ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भागलपुर–कटिहार–भागलपुर अनारक्षित विशेष ट्रेन की सेवा को 4 जून 2026 तक जारी रखने का फैसला किया है। पूर्व रेलवे की ओर से जारी जानकारी के अनुसार 03407/03408 संख्या वाली यह विशेष ट्रेन अपने वर्तमान मार्ग, समय-सारिणी और निर्धारित ठहरावों के साथ पहले की तरह संचालित होती रहेगी। रेलवे के इस फैसले से उन यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी जो पिछले कई दिनों से सड़क संपर्क बाधित होने के कारण आवागमन की कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

दरअसल, गंगा नदी पर स्थित महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद भागलपुर और सीमांचल क्षेत्र के बीच यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई थी। सेतु में तकनीकी समस्या सामने आने के बाद प्रशासन को भारी वाहनों के साथ-साथ सामान्य यातायात पर भी कई प्रकार की पाबंदियां लगानी पड़ीं। इसका सीधा असर भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया और आसपास के क्षेत्रों के लोगों पर पड़ा, जो प्रतिदिन इस मार्ग का उपयोग करते हैं।

सड़क संपर्क प्रभावित होने के बाद सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हुई जो नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए नियमित रूप से एक जिले से दूसरे जिले की यात्रा करते हैं। कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा था, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त खपत हो रही थी। ऐसी परिस्थितियों में रेलवे द्वारा शुरू की गई विशेष ट्रेन सेवा लोगों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनकर सामने आई।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह विशेष अनारक्षित ट्रेन प्रारंभिक तौर पर यात्रियों की अस्थायी सुविधा के लिए चलाई गई थी। उस समय उम्मीद थी कि स्थिति में जल्द सुधार हो जाएगा और सड़क संपर्क सामान्य होने के बाद विशेष सेवा की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। हालांकि विक्रमशिला सेतु से जुड़ी परिस्थितियां पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाने और यात्रियों की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे ने इस सेवा को आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया है।

पहले रेलवे ने इस ट्रेन के संचालन को 1 जून 2026 तक बढ़ाने की घोषणा की थी। लेकिन यात्रियों से प्राप्त फीडबैक, यात्रा करने वालों की संख्या और क्षेत्र में बनी परिस्थितियों का आकलन करने के बाद अब इसकी अवधि 4 जून 2026 तक बढ़ा दी गई है। रेलवे का मानना है कि यह कदम क्षेत्र के लोगों को आवागमन में राहत प्रदान करेगा और सड़क मार्ग पर बढ़ रहे दबाव को भी कम करेगा।

भागलपुर और कटिहार के बीच रेल संपर्क लंबे समय से सीमांचल क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता रहा है। यह मार्ग न केवल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी बेहद अहम भूमिका निभाता है। दोनों शहरों के बीच प्रतिदिन बड़ी संख्या में व्यापारी, छोटे कारोबारी, छात्र, कर्मचारी और किसान यात्रा करते हैं। ऐसे में विशेष ट्रेन सेवा का संचालन स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी अप्रत्यक्ष रूप से सहारा दे रहा है।

विशेष रूप से किसानों के लिए यह सेवा काफी उपयोगी साबित हो रही है। सीमांचल और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में कृषि उत्पाद बाजारों तक पहुंचाए जाते हैं। सड़क संपर्क प्रभावित होने के कारण किसानों और व्यापारियों को माल ढुलाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। रेल सेवा के उपलब्ध रहने से लोगों को वैकल्पिक परिवहन सुविधा मिल रही है, जिससे आवश्यक गतिविधियां प्रभावित नहीं हो रही हैं।

रेलवे के इस निर्णय का स्वागत दैनिक यात्रियों ने भी किया है। नियमित रूप से यात्रा करने वाले लोगों का कहना है कि विशेष ट्रेन सेवा शुरू होने के बाद उनकी समस्याओं में काफी कमी आई है। जहां सड़क मार्ग से यात्रा में कई घंटे अतिरिक्त लग रहे थे, वहीं रेल मार्ग के माध्यम से अपेक्षाकृत कम समय में गंतव्य तक पहुंचना संभव हो रहा है। इससे नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और छोटे व्यवसायियों को काफी सुविधा मिली है।

यात्रियों का कहना है कि अनारक्षित ट्रेन होने के कारण उन्हें टिकट बुकिंग की जटिल प्रक्रिया से भी नहीं गुजरना पड़ता। सामान्य किराए पर उपलब्ध यह सेवा आम लोगों के लिए आर्थिक रूप से भी लाभदायक साबित हो रही है। यही कारण है कि ट्रेन के विस्तार की घोषणा के बाद यात्रियों में संतोष का माहौल देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि विक्रमशिला सेतु की स्थिति सामान्य होने तक रेलवे की यह पहल क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बनी रहेगी। भागलपुर और सीमांचल के बीच लाखों लोगों की आवाजाही सीधे तौर पर इस संपर्क व्यवस्था पर निर्भर करती है। ऐसे में रेल सेवा का निरंतर संचालन क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में मदद करेगा।

विक्रमशिला सेतु गंगा नदी पर बना एक प्रमुख पुल है, जो भागलपुर को उत्तर-पूर्व बिहार के कई जिलों से जोड़ता है। वर्षों से यह पुल व्यापार, परिवहन और जनसंपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम रहा है। पुल में आई तकनीकी समस्याओं के बाद लोगों को वैकल्पिक मार्गों पर निर्भर होना पड़ा, जिससे यात्रा का समय बढ़ गया और परिवहन लागत में भी वृद्धि हुई। इसी चुनौती को देखते हुए रेलवे ने विशेष ट्रेन सेवा शुरू कर राहत पहुंचाने का प्रयास किया।

रेलवे अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि क्षेत्र की परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। यात्रियों की संख्या, यात्रा की आवश्यकता और यातायात की स्थिति का नियमित मूल्यांकन किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर आगे भी यात्रियों की सुविधा के लिए उचित निर्णय लिए जा सकते हैं।

फिलहाल 4 जून 2026 तक भागलपुर–कटिहार–भागलपुर अनारक्षित विशेष ट्रेन का संचालन जारी रहने से हजारों यात्रियों को राहत मिली है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब विक्रमशिला सेतु से जुड़े मुद्दों के कारण सड़क मार्ग पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। रेलवे की इस पहल से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि दक्षिण बिहार और सीमांचल क्षेत्र के बीच आर्थिक तथा सामाजिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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