“ट्रंप पर बोले थे, अब अभिषेक बनर्जी पर चुप क्यों?” तेजस्वी का पीएम मोदी से सवाल

तेजस्वी यादव ने पश्चिम बंगाल के सोनापुर में अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है और राजनीतिक मतभेदों का समाधान संवाद एवं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से होना चाहिए।

तेजस्वी यादव ने अपने बयान में आरोप लगाया कि यह हमला “भाजपाई सत्ता द्वारा प्रायोजित” था। साथ ही उन्होंने कहा कि असहमति, विरोध और वैचारिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन हिंसा और अराजकता को बढ़ावा देना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरा है।

उन्होंने नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान Donald Trump पर हुए हमले की निंदा करने वाले प्रधानमंत्री क्या इस घटना की भी निंदा करेंगे।

रिपोर्टों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी उस समय एक मृत तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता के परिजनों से मिलने गए थे, जब कुछ लोगों ने उनके काफिले और उनके साथ मौजूद लोगों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में धक्का-मुक्की और हंगामे जैसे दृश्य दिखाई देने का दावा किया गया है। हालांकि घटना के सभी तथ्यों और परिस्थितियों की आधिकारिक जांच एवं पुष्टि संबंधित एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।

दूसरी ओर, अभिषेक बनर्जी ने इस घटना को सुनियोजित हमला बताते हुए कहा है कि वह मामले को अदालत में ले जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि हमले के पीछे भाजपा समर्थक तत्व शामिल थे। वहीं, इस मामले पर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

यह मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है, जहां एक पक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बता रहा है, जबकि दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया और आधिकारिक जांच के निष्कर्षों का इंतजार किया जा रहा है।

  • ये भी पढ़े..