विश्व पर्यावरण दिवस अभियान के तहत मालदा मंडल का बड़ा वृक्षारोपण अभियान, भागलपुर और जमालपुर रेलवे परिसरों में लगाए गए पौधे

मालदा/भागलपुर : विश्व पर्यावरण दिवस 2026 अभियान के तहत पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। “एक पेड़ माँ के नाम” पहल के अंतर्गत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में भागलपुर और जमालपुर रेलवे स्टेशन सहित रेलवे कॉलोनियों एवं आसपास के परिसरों में पौधारोपण और हरितीकरण गतिविधियां संचालित की गईं।

यह अभियान 15 मई से 5 जून 2026 तक चलाए जा रहे विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है। रेलवे प्रशासन की ओर से पर्यावरण जागरूकता, स्वच्छता और हरित आवरण बढ़ाने को लेकर लगातार विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में बुधवार को मालदा मंडल के कई महत्वपूर्ण रेलवे परिसरों में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम मंडल रेल प्रबंधक के मार्गदर्शन में तथा वरिष्ठ मंडल अभियंता प्रदीप दास के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ। रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों ने मिलकर विभिन्न स्थानों पर पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

भागलपुर रेलवे स्टेशन, जमालपुर रेलवे स्टेशन, रेलवे कॉलोनियों और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पौधे लगाए गए। रेलवे कर्मचारियों ने कहा कि यह केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण को बचाने और आने वाली पीढ़ियों को बेहतर वातावरण देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत लोगों को अपनी मां के सम्मान में पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधारोपण करना नहीं, बल्कि लोगों में प्रकृति और पर्यावरण के प्रति भावनात्मक जुड़ाव पैदा करना भी है।

कार्यक्रम के दौरान रेलवे परिसरों में स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। स्टेशन परिसरों, रेलवे कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई की गई तथा कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि लगातार बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और हरित क्षेत्रों में कमी को देखते हुए ऐसे अभियानों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

कार्यक्रम में शामिल अधिकारियों ने बताया कि रेलवे केवल परिवहन सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को भी गंभीरता से निभा रहा है। रेलवे परिसरों में हरियाली बढ़ाने, प्लास्टिक उपयोग कम करने और स्वच्छ वातावरण बनाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।

भागलपुर रेलवे कॉलोनी में लगाए गए पौधों में छायादार और पर्यावरण के लिए उपयोगी प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई। कर्मचारियों ने पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का भी संकल्प लिया। रेलवे प्रशासन ने कहा कि पौधारोपण तभी सफल माना जाएगा जब लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखकर उन्हें विकसित किया जाए।

स्थानीय लोगों ने भी रेलवे की इस पहल की सराहना की। कई लोगों का कहना है कि रेलवे परिसरों में हरियाली बढ़ने से न केवल वातावरण स्वच्छ होगा, बल्कि यात्रियों और कर्मचारियों को भी बेहतर माहौल मिलेगा।

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है that रेलवे जैसे बड़े संस्थानों द्वारा चलाए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान का व्यापक सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। रेलवे के पास बड़ी मात्रा में भूमि और सार्वजनिक पहुंच होती है, इसलिए यदि वहां योजनाबद्ध तरीके से हरित विकास किया जाए तो यह पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, शहरीकरण और औद्योगिक विस्तार के कारण हरित क्षेत्र लगातार कम हो रहे हैं। ऐसे में रेलवे स्टेशन, कॉलोनियां और सार्वजनिक संस्थानों के परिसर हरियाली बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण स्थान बन सकते हैं।

कार्यक्रम में अधिकारियों ने कर्मचारियों और आम लोगों से अपील की कि वे अपने घरों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर अधिक से अधिक पौधे लगाएं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।

रेलवे प्रशासन ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस तक मालदा मंडल के विभिन्न स्टेशनों और परिसरों में इसी तरह के कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, जागरूकता रैली और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अन्य कार्यक्रम शामिल होंगे।

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि स्टेशन परिसरों को अधिक हरित और स्वच्छ बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। यात्रियों को बेहतर वातावरण देने के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना भी रेलवे की प्राथमिकताओं में शामिल है।

कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों को जल संरक्षण, ऊर्जा बचत और प्लास्टिक मुक्त वातावरण के बारे में भी जागरूक किया गया। अधिकारियों ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

भागलपुर और जमालपुर में आयोजित इस अभियान ने स्थानीय स्तर पर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया। कई कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने भी निजी स्तर पर पौधे लगाने का संकल्प लिया।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस तरह के अभियान लगातार चलाए जाएं और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल हो, तो आने वाले वर्षों में रेलवे परिसरों को हरित मॉडल के रूप में विकसित किया जा सकता है।

विश्व पर्यावरण दिवस 2026 अभियान के तहत मालदा मंडल की यह पहल रेलवे प्रशासन की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता को दर्शाती है। रेलवे का कहना है कि सतत विकास और स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और हरित वातावरण मिल सके।

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