
भागलपुर, सोनपुर मंडल संसदीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक में भागलपुर संसदीय क्षेत्र से जुड़े रेलवे स्टेशनों और यात्रियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। सोनपुर स्थित रेल अधिकारी क्लब में आयोजित इस बैठक में भागलपुर सांसद के प्रतिनिधि के रूप में गौरव कुमार ने हिस्सा लिया और क्षेत्र की विभिन्न रेल सुविधाओं, ट्रेनों के ठहराव तथा आधारभूत संरचना विकास से जुड़े कई मुद्दे रेलवे अधिकारियों के समक्ष रखे।
बैठक की अध्यक्षता सारण सांसद ने की। बैठक में सोनपुर मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं के विस्तार, प्लेटफॉर्म विकास, शेड निर्माण, आरओबी और एफओबी निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
भागलपुर सांसद के निर्देशानुसार उनके प्रतिनिधि ने कटरिया रेलवे स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की मांग रखी। इसमें इंटरसिटी एक्सप्रेस, हाटे-बाजारे एक्सप्रेस और राजेंद्र नगर टर्मिनल कैपिटल एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का नाम शामिल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन ट्रेनों के ठहराव से हजारों यात्रियों को सुविधा मिलेगी और आसपास के क्षेत्रों की रेल संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी।
प्रतिनिधि ने कहा कि कटरिया स्टेशन क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण रेलवे केंद्र बन चुका है, लेकिन लंबी दूरी की कई प्रमुख ट्रेनों का ठहराव नहीं होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। खासकर छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को दूसरे स्टेशनों तक जाना पड़ता है।
बैठक में नवगछिया रेलवे स्टेशन को लेकर भी कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गईं। यहां न्यू जलपाईगुड़ी–आनंद विहार एक्सप्रेस, न्यू जलपाईगुड़ी–उदयपुर सिटी एक्सप्रेस, कामाख्या–गांधीधाम एक्सप्रेस, कर्मभूमि एक्सप्रेस, त्रिपुरा सुंदरी एक्सप्रेस और कामाख्या–गोमती नगर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के ठहराव की मांग की गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग देश के विभिन्न हिस्सों में यात्रा करते हैं। लेकिन प्रमुख ट्रेनों के ठहराव नहीं होने के कारण यात्रियों को काफी दूरी तय कर अन्य स्टेशनों पर जाना पड़ता है। यदि इन ट्रेनों का ठहराव शुरू होता है तो लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
इसी तरह बिहपुर रेलवे स्टेशन पर भी कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की मांग रखी गई। इसमें नॉर्थ-ईस्ट सुपरफास्ट एक्सप्रेस, सीमांचल एक्सप्रेस, गरीब नवाज एक्सप्रेस, अमरनाथ एक्सप्रेस और चंपारण एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को शामिल किया गया।
बैठक में यह भी कहा गया कि केवल ट्रेनों के ठहराव से ही नहीं, बल्कि रेलवे स्टेशनों की बुनियादी सुविधाओं में सुधार से भी यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इसलिए नवगछिया अनुमंडल के अंतर्गत आने वाले सभी रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं के विस्तार की मांग की गई।
सांसद प्रतिनिधि ने बताया कि पिछली बैठक में भागलपुर सांसद द्वारा कटरिया रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 1 और 2 के ऊंचीकरण तथा यात्री शेड निर्माण का मुद्दा उठाया गया था। इस पर रेलवे अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्लेटफॉर्म ऊंचीकरण का कार्य लगभग 8.2 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित है और स्वीकृति के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
रेलवे अधिकारियों ने यह भी बताया कि कटरिया, थानाबिहपुर, नारायणपुर, पसराहा, गौछारी, खरीक, कुरसेला, बखरी और सेमापुर रेलवे स्टेशनों पर यात्री शेड निर्माण के लिए 10.13 करोड़ रुपये की संयुक्त योजना स्वीकृत की जा चुकी है। इस योजना पर गतिशक्ति इकाई द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
बैठक में नवगछिया रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 3 पर सीआईडी स्थापना का कार्य भी प्रस्तावित होने की जानकारी दी गई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इससे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा खरीक रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 1, 2 और 3 के ऊंचीकरण के लिए 7.48 करोड़ रुपये की लागत से कार्य स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
सांसद प्रतिनिधि द्वारा विभिन्न स्थानों पर आरओबी और एफओबी निर्माण की मांग भी उठाई गई। उनका कहना था कि कई रेलवे क्रॉसिंग पर आए दिन जाम और दुर्घटनाओं की समस्या बनी रहती है। यदि आरओबी और एफओबी बनाए जाते हैं तो लोगों को काफी राहत मिलेगी।
बैठक में सभी रेलवे स्टेशनों पर शुद्ध पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों के बैठने की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि छोटे रेलवे स्टेशनों पर अब भी कई बुनियादी सुविधाओं की कमी है, जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
रेल यात्रियों और स्थानीय लोगों ने भी इन मांगों का समर्थन किया है। लोगों का कहना है कि भागलपुर और नवगछिया क्षेत्र की बड़ी आबादी रेल परिवहन पर निर्भर है। ऐसे में ट्रेनों के ठहराव और स्टेशन सुविधाओं में सुधार बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित योजनाएं समय पर पूरी होती हैं तो इससे पूर्वी बिहार के रेल नेटवर्क को बड़ा लाभ मिलेगा। ट्रेनों के ठहराव से व्यापार, शिक्षा और रोजगार से जुड़े यात्रियों को सीधा फायदा होगा।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बेहतर रेल सुविधा से क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। कई व्यापारी रोजाना रेल मार्ग से विभिन्न शहरों की यात्रा करते हैं और ट्रेनों के सीमित ठहराव के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बैठक में रेलवे अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाना उनकी प्राथमिकता है।
भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अब उम्मीद है कि लंबे समय से लंबित रेल सुविधाओं और ट्रेनों के ठहराव की मांग जल्द पूरी होगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकेगी और क्षेत्र की रेल संपर्क व्यवस्था और मजबूत होगी।


