
भागलपुर, 27 मई 2026। अंग प्रक्षेत्र के मुख्य व्यावसायिक और नागरिक कमान केंद्र भागलपुर सहित आस-पड़ोस के व्यापक अंचलों में पिछले लगातार दो दिनों से संधारित हो रहे अभूतपूर्व बिजली संकट को पूरी कड़ाई के साथ क्रैक करने और बाधित नागरिक व्यवस्थाओं को री-स्टोर करने के उद्देश्य से राज्य सरकार की उच्च प्रशासनिक कप्तानी ग्राउंड जीरो पर लाइव हो चुकी है। विगत 25 मई की देर रात्रि में प्रविष्ट हुए तीव्र चक्रवातीय अंधड़ और उसके उपरांत पुनः 26 मई की रात को लाउड मोड पर सक्रिय हुई भारी मूसलाधार बारिश व आंधी के दोहरे प्रहार से जिले की विद्युत वितरण प्रणालियां मलबे में तब्दील हो गई थीं।
इस गंभीर अवसंरचनात्मक विफलता के कारण उत्पन्न हुए भारी नागरिक अवसाद और आक्रोश को देखते हुए, बुधवार की अलसुबह जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ने मामले की संवेदनशीलता को सर्वोच्च विधिक ग्रिड पर लॉक किया। जिलाधिकारी ने तत्काल पटना स्थित मुख्य ऊर्जा कमान केंद्र से संपर्क स्थापित करते हुए बिहार बिजली विभाग के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार से व्यक्तिगत संवाद मुकम्मल किया और भागलपुर के भीतरी नेटवर्कों में ऊर्जा संचरण की जल्द से जल्द पुनर्स्थापना के वास्ते एक विशेष सांगठनिक अनुरोध पत्र डिजिटल पटल पर प्रेषित किया।
हेलीकॉप्टर से भागलपुर पहुंचे प्रबंध निदेशक: कमान केंद्र में आहूत हुई आपात बैठक
जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी द्वारा साझा किए गए क्रिटिकल इनपुट्स और वास्तविक सांख्यिकी की गंभीरता को भांपते हुए बिजली विभाग के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार ने किसी भी प्रकार की लिपिकीय ढिलाई को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया। मामले के त्वरित समाधान हेतु उन्होंने वायुमार्ग के लॉजिस्टिक्स विन्यास का अवलंबन लिया और बुधवार को ही विशेष हेलीकॉप्टर के माध्यम से मुख्य अभियंता (विद्युत) तथा तकनीकी विशेषज्ञों की अपनी कोर टीम के साथ सीधे भागलपुर हवाई अड्डा प्रक्षेप पर लैंड किया।
प्रबंध निदेशक के हवाई मार्ग से सीधे सिल्क सिटी पहुंचने की इस प्रखर प्रविष्टि से ही यह साफ प्रमाणित हो गया कि राज्य मुख्यालय भागलपुर के इस महाब्लैकआउट को लेकर अत्यधिक संवेदनशील मोड पर संधारित है।
हवाई अड्डे से प्रस्थान कर प्रबंध निदेशक राहुल कुमार सीधे जिला समाहरणालय के मुख्य समीक्षा केबिन में प्रविष्ट हुए, जहां जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी की सह-कप्तानी में एक अत्यंत उच्चस्तरीय और अभेद्य आपातकालीन समीक्षा बैठक आहूत की गई। इस रणनीतिक बैठक के भीतर अंचल के अधीक्षण अभियंता (Superintending Engineer) और तीनों प्रभागों के मुख्य कार्यपालक अभियंता (Executive Engineers) अपनी-अपनी तकनीकी केस डायरी, क्षतिग्रस्त पोलों की सांख्यिकी और टूटे हुए तारों के लेआउट मानचित्र के साथ भौतिक रूप से मुस्तैद रहे। बैठक के भीतर मुख्य रूप से भागलपुर शहरी, कहलगांव और नवगछिया डिवीजन के अंतर्गत आने वाले ग्रिडों, सबस्टेशनों और कनिष्ठ ट्रांसमिशन लाइनों की वर्तमान भौतिक अवस्थिति का फॉरेंसिक स्तर पर मूल्यांकन संधारित किया गया।
भागलपुर, कहलगांव और नवगछिया डिवीजन की सांख्यिकीय समीक्षा और विनिर्देश
प्रबंध निदेशक राहुल कुमार ने तीनों प्रमुख डिवीजनों की बिजली प्रणालियों की समीक्षा के दौरान एक-एक फीडर की कार्यक्षमता का वास्तविक डेटा डंप खंगाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि चक्रवात और आंधी के कारण ट्रांसमिशन टावरों के जमींदोज होने और 33 केवी (KV) की मुख्य रीढ़ लाइनों के डैमेज होने से जो सिंडिकेट संकट विनिर्मित हुआ है, उसे केवल पारंपरिक तरीकों से हल नहीं किया जा सकता। इसके लिए एक एकीकृत रिस्पॉन्स ग्रिड सक्रिय करना होगा।
तीनों प्रभागों के भौगोलिक और ढांचागत नुकसान की सांख्यिकी को इस प्रकार संरेखित कर समीक्षा पटल पर रखा गया:
- भागलपुर शहरी प्रभाग: यहाँ मुख्य रूप से 30 से अधिक पोलों के विच्छेदित होने, मोजाहिदपुर, भीखनपुर और मायागंज पावर सबस्टेशनों के भीतरी फीडरों में ट्रिपिंग की विसंगतियों और स्थानीय भवनों के छज्जों के कारण तार खींचने में आ रहे अवरोधों पर कड़ा विमर्श मुकम्मल हुआ।
- कहलगांव प्रभाग: इस अंचल के ग्रामीण और औद्योगिक क्लस्टर्स के भीतरी हिस्सों में बिजली के तारों पर विशालकाय पेड़ों के गिरने से जो सप्लायर चेन बाधित हुई थी, उसकी बहाली के वास्ते जनशक्ति डाइवर्ट करने की रूपरेखा तैयार की गई।
- नवगछिया प्रभाग: विक्रमशिला सेतु संकट और दियारा प्रक्षेत्र की भौगोलिक जटिलताओं के बीच नदियों के मुहाने पर अवस्थित कनिष्ठ खंभों को बाढ़ और आंधी के दोहरे प्रभाव से सुरक्षित रखते हुए चार्ज करने के विनिर्देश तय किए गए।
तीनों कार्यपालक अभियंताओं को कड़ा अल्टीमेटम: म्यूट पड़े फीडरों को लाइव करने का आदेश
समीक्षा के अंतिम प्रक्रम में प्रबंध निदेशक राहुल कुमार ने कड़ा और संतुलित स्टैंड अपनाते हुए विद्युत विभाग, भागलपुर के तीनों कार्यपालक अभियंताओं को सीधे तौर पर जवाबदेही लॉक करने का कड़ा विनिर्देश जारी किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में आदेश निर्गत किया कि जिन-जिन रिहायशी मोहल्लों, व्यावसायिक गलियारों और ग्रामीण बस्तियों की बिजली आपूर्ति पिछले 36 से 48 घंटों से लगातार म्यूट मोड पर संधारित है, वहां बिना किसी अतिरिक्त बहानेबाजी या समय अवसाद के ससमय पुनर्स्थापना का कार्य मुकम्मल किया जाए।
कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश हस्तगत कराया गया है कि वे स्वयं थानों और कनिष्ठ ग्रिडों के कमान केंद्रों पर उपस्थित रहकर रिपेयरिंग ऑपरेशंस की कप्तानी मॉनिटरिंग संधारित करें।
प्रबंध निदेशक ने कड़े लहजे में कहा कि पेड़ काटने वाली आधुनिक मशीनों, हाइड्रोलिक क्रेन और नए इंसुलेटरों के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को तुरंत ग्राउंड जीरो के चिन्हित हॉट-स्पॉट्स पर डाइवर्ट किया जाए। जिन इलाकों में कतिपय स्थानीय विवादों या मकानों के अवैध छज्जों के कारण हाई-टेंशन तार खींचने में तकनीकी बाधा प्रविष्ट हो रही है, वहां जिलाधिकारी के समन्वय से तुरंत प्रशासनिक और पुलिस कप्तानों की मुस्तैदी लाइव की जाए, ताकि काम को किसी भी स्तर पर ब्लॉक न होना पड़े।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अंतिम उपभोक्ता के घर का डिजिटल मीटर करंट की तरलता से लाइव नहीं हो जाता, तब तक तकनीकी विंग का कोई भी अधिकारी मुख्यालय छोड़ने की संचिका को लॉक करने का दुस्साहस कतई नहीं करेगा।
ग्राउंड जीरो पर जनशक्ति और संसाधनों का नया लॉजिस्टिक्स लेआउट
प्रबंध निदेशक राहुल कुमार के सीधे हस्तक्षेप और जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी के प्री-एक्टिव सपोर्ट के कारण भागलपुर अंचल के भीतर रेस्टोरेशन ऑपरेशंस का ग्राफ अचानक काफी लाउड हो चुका है। मुख्य अभियंता के विनिर्देश पर बांका और अन्य समीपवर्ती जिलों के तकनीकी स्टाफ और लाइनमैनों के अतिरिक्त दस्तों को आपातकालीन सप्लायर चेन के तहत भागलपुर प्रक्षेत्र के भीतर प्रतिनियुक्त कर दिया गया है।
नगर निगम की जेसीबी मशीनों और बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंताओं के बीच एक अभेद्य समन्वय तंत्र स्थापित किया गया है, जो सड़कों पर पड़े मलबे को साफ करने के साथ-साथ समानांतर रूप से नए कंक्रीट पोलों की एंकरिंग और असेंबलिंग के कार्य को युद्धस्तर पर संचालित कर रहा है।
बिजली विभाग के इस हाई-प्रोफाइल रिस्पॉन्स के बाद अलीगंज, सबौर और जगदीशपुर ग्रिड के मुख्य कमान केंद्रों के भीतर तकनीकी मरम्मत की गतियां अत्यंत तीव्र विन्यास में संचरित देखी जा रही हैं। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सबस्टेशनों के भीतरी काउंटरों पर धैर्य संधारित रखें, क्योंकि सुरक्षा मानकों का पूर्ण फॉरेंसिक ऑडिट मुकम्मल होने के उपरांत ही फीडरों को चार्ज किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार के आकस्मिक शॉर्ट-सर्किट या जान-माल की क्षति के जोखिम को पूरी कड़ाई से ब्लॉक रखा जा सके।
राज्य मुख्यालय से आए इस कड़े प्रशासनिक विस्थापन के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कतिपय घंटों के भीतर शहर के सभी शेष बचे अंधकार युक्त मोहल्लों की विद्युत आपूर्ति को पूरी विधिक शुचिता के साथ सुचारू कर दिया जाएगा।


