
दिलीप कुमार जायसवाल ने बुधवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कटिहार, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज जिलों के राजस्व कार्यों की गहन समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस बैठक में खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई गई।
मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अगले 15 दिनों के भीतर कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जाए। उन्होंने कहा कि जनता के काम में देरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में विभागीय सचिव जय सिंह ने लंबित मामलों के समयबद्ध निष्पादन का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में तीनों जिलों के जिलाधिकारी, अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचलाधिकारी शामिल हुए।
समीक्षा की शुरुआत कटिहार से हुई, जहां अप्रैल माह की रैंकिंग को लेकर मंत्री ने नाराजगी जताई। मनिहारी, बारसोई और कटिहार के भूमि सुधार उप समाहर्ताओं के कामकाज पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और काम में देरी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और सरकार भ्रष्टाचार पर सख्ती से रोक लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।
दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि विभागीय मुख्यालय पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से काम कर रहा है, इसलिए फील्ड स्तर के अधिकारियों को भी उसी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि आम जनता का भरोसा जीतना विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
बैठक में बताया गया कि भ्रष्टाचार की निगरानी के लिए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का विशेष सेल बनाया गया है और करीब पौने दो सौ अधिकारी उसकी निगरानी में हैं।
समीक्षा के दौरान ऑनलाइन म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, अभियान बसेरा, गवर्नमेंट लैंड वेरिफिकेशन, पब्लिक ग्रीवांस और आरसीएमएस न्यायालयों में लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने लंबे समय से लंबित मामलों को तुरंत निपटाने का निर्देश दिया।
ई-मापी व्यवस्था पर सख्ती दिखाते हुए मंत्री ने कहा कि जमीन मापी से जुड़ा हर काम अब केवल ऑनलाइन मोड में होगा। यदि कोई अधिकारी ऑफलाइन प्रक्रिया अपनाते पाए गए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रैंकिंग को लेकर भी मंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कटिहार 23वें, पूर्वी चंपारण 25वें और गोपालगंज 16वें स्थान पर हैं, जबकि सभी जिलों को टॉप-10 में आने का लक्ष्य लेकर काम करना चाहिए।
गोपालगंज जिले में थावे अंचल की रैंक-1 और विजयीपुर अंचल की रैंक-485 होने पर मंत्री ने अधिकारियों से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि जब एक अंचल बेहतर काम कर सकता है तो दूसरा क्यों नहीं।
बैठक में कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिनमें दुलाल चंद गोस्वामी, संगीता देवी, निशा सिंह, सचिन्द्र प्रसाद सिंह, बबलू गुप्ता, राणा रणधीर, श्याम बाबू यादव और मंजीत कुमार सिंह शामिल रहे।


