
बिहार की राजधानी पटना में छात्रा से छेड़खानी और जबरन कमरे से बाहर ले जाने की कोशिश के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए होटल प्रबंधन पर शिकंजा कस दिया है। रूपसपुर थाना क्षेत्र स्थित Hidden Villa होटल के मैनेजर रोहित और होटल स्टाफ काजू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस जांच में होटल प्रशासन की गंभीर लापरवाही और संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। इससे पहले मुख्य आरोपी सत्येंद्र कुमार की गिरफ्तारी हो चुकी थी। अब इस पूरे मामले ने राजधानी में होटल सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार यह घटना शनिवार देर रात की है। बेगूसराय की रहने वाली एक छात्रा अपने पिता के साथ पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा देने पटना आई थी। परीक्षा अगले दिन होनी थी, इसलिए दोनों ने रात में ठहरने के लिए रूपसपुर इलाके के Hidden Villa होटल में कमरा लिया था। परिवार को यह अंदाजा भी नहीं था कि रात उनके लिए डरावना अनुभव बन जाएगी।
पीड़ित परिवार के मुताबिक रात करीब 12 बजे एक युवक अचानक होटल के कमरे में घुस आया। आरोप है कि युवक शराब के नशे में था और उसने छात्रा का हाथ पकड़कर जबरन बाहर ले जाने की कोशिश की। छात्रा के शोर मचाने पर उसके पिता की नींद खुल गई। इसके बाद पिता और बेटी ने मिलकर आरोपी का विरोध किया, जिसके बाद युवक मौके से भाग निकला।
घटना के बाद होटल में अफरा-तफरी मच गई। पीड़ित परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआती जांच में ही होटल प्रबंधन की कई बड़ी लापरवाहियां सामने आने लगीं। पीड़ित पिता ने आरोप लगाया कि होटल प्रशासन ने पहचान पत्र लेने के बावजूद उनकी पूरी एंट्री रजिस्टर में दर्ज नहीं की थी। केवल हस्ताक्षर करवाकर कमरा दे दिया गया था। इतना ही नहीं, कमरे का लॉक भी खराब था, जिसके कारण आरोपी आसानी से अंदर प्रवेश कर गया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद जब उन्होंने होटल स्टाफ से शिकायत की तो उन्हें सहयोग देने के बजाय डराने और मामले को दबाने की कोशिश की गई। यही नहीं, पुलिस द्वारा जब होटल के सीसीटीवी फुटेज मांगे गए तो होटल प्रबंधन ने कैमरे खराब होने की बात कही। इस दावे ने पुलिस के संदेह को और बढ़ा दिया।
जांच के दौरान एक बड़ा खुलासा तब हुआ जब पुलिस को पता चला कि आरोपी कोई बाहरी व्यक्ति नहीं बल्कि होटल का ही कर्मचारी था। पीड़ित पिता ने घटना के दौरान अपने मोबाइल से आरोपी का वीडियो बना लिया था, जिसके आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान की। इसके बाद पुलिस ने होटल के अन्य कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की और मुख्य आरोपी सत्येंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने होटल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच शुरू की। पूछताछ और जांच में सामने आया कि होटल में कई नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने होटल मैनेजर रोहित और स्टाफ काजू को भी गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि होटल प्रशासन की लापरवाही ने इस घटना को संभव बनाया।
पुलिस अब इस पूरे मामले को केवल छेड़खानी की घटना मानकर नहीं चल रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि होटल में और कौन-कौन सी अवैध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि होटल के कई कमरों में देर रात तक लड़के और लड़कियां शराब पार्टी कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने होटल के रिकॉर्ड और गतिविधियों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि होटल में बिना अनुमति शराब पार्टी, अवैध गतिविधियां या संदिग्ध लोगों को ठहराने जैसे मामले तो नहीं चल रहे थे। होटल के दस्तावेज, गेस्ट रजिस्टर और सीसीटीवी सिस्टम की तकनीकी जांच की जा रही है। यदि जांच में और अनियमितताएं सामने आती हैं तो होटल के खिलाफ और सख्त कार्रवाई हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि राजधानी में तेजी से बढ़ रहे होटल कारोबार के बीच सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है। कई छोटे और निजी होटल नियमों की अनदेखी कर ग्राहकों को कमरे उपलब्ध करा देते हैं, जिससे अपराध की संभावना बढ़ जाती है। इस घटना ने होटल इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना बेहद गंभीर है क्योंकि छात्रा अपने पिता के साथ होटल में ठहरी थी और इसके बावजूद इस तरह की वारदात हुई। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते विरोध नहीं किया जाता तो स्थिति और भयावह हो सकती थी।
रूपसपुर थाना पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि होटल प्रबंधन ने जानबूझकर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की थी या नहीं। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि और लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
घटना के बाद राजधानी के होटल व्यवसाय में भी हलचल बढ़ गई है। पुलिस अब कई होटलों के रिकॉर्ड और सुरक्षा व्यवस्था की जांच करने की तैयारी में है। प्रशासन चाहता है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और होटल संचालक नियमों का सख्ती से पालन करें।
फिलहाल गिरफ्तार होटल मैनेजर और स्टाफ को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। राजधानी में यह मामला अब होटल सुरक्षा और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े बड़े मुद्दे के रूप में देखा जा रहा है।


