बिहार में कानून-व्यवस्था पर तेजस्वी का बड़ा हमला, बोले- एक महीने में 8,681 बच्चे क्यों हुए गायब?

बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और एनडीए सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार में महिलाएं, बच्चे और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और सरकार केवल बयानबाजी तक सीमित होकर रह गई है। उन्होंने एक महीने के भीतर राज्य से 8,681 बच्चों के गायब होने का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री से जवाब मांगा है।

पटना में मीडिया से बातचीत और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन सरकार हालात संभालने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री को “अपराधियों का सम्राट” बताते हुए कहा कि राज्य में कानून का डर खत्म हो चुका है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

तेजस्वी यादव ने सबसे गंभीर मुद्दा बच्चों के गायब होने का उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने के भीतर बिहार से 8,681 बच्चे लापता हुए हैं, जिनमें करीब 85 प्रतिशत लड़कियां शामिल हैं। उन्होंने सवाल किया कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में बच्चे कहां गायब हो रहे हैं और सरकार इस पर क्या कार्रवाई कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह आंकड़ा राज्य में महिला और बाल सुरक्षा की स्थिति को बेहद चिंताजनक तरीके से सामने लाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में हर दिन दुष्कर्म, हत्या, लूट और अपहरण जैसी घटनाएं हो रही हैं। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों में राज्य में 75 से अधिक दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं सामने आई हैं। उनका कहना था कि अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि वे घरों में घुसकर महिलाओं और लड़कियों को निशाना बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा हमला बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार केवल बड़े-बड़े दावे करने में लगी हुई है, जबकि जमीन पर हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “आर्टिफिशियल बातें” करने वाली सरकार आधुनिक तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था का भी सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने के बजाय केवल प्रचार और बयानबाजी पर ध्यान दे रही है।

तेजस्वी यादव ने हाल के दिनों में सामने आए कुछ मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले एक रेप पीड़िता और नीट छात्रा की हत्या हुई, फिर पटना में पॉलिटेक्निक परीक्षा देने आई नाबालिग छात्रा के साथ होटल में छेड़छाड़ और जबरन ले जाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं दिखाती हैं कि राजधानी पटना तक महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं बची है।

नेता प्रतिपक्ष ने NAARI 2025 रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि पटना महिलाओं के लिए देश के सबसे असुरक्षित शहरों में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि बिहार के अलग-अलग जिलों से हजारों छात्राएं राजधानी में पढ़ाई करने आती हैं, लेकिन मौजूदा हालात में उनके परिजन लगातार डर और चिंता में जी रहे हैं।

उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “पाताल से अपराधियों को खोज निकालने” जैसे बयान देने वाले मुख्यमंत्री अब अपराध नियंत्रण में पूरी तरह असफल साबित हो रहे हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि पुलिस और कानून का भय अपराधियों में दिखाई नहीं देता। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है, जिसके कारण वे बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि बिहार में स्वर्ण कारोबारियों के साथ दिनदहाड़े लूट, हत्या और डकैती की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य के हर जिले में अपराध की स्थिति चिंताजनक हो चुकी है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार को रीलबाजी और डायलॉगबाजी छोड़कर वास्तविक सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं। तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को लगातार उठाता रहेगा और बिहार की जनता की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार में आगामी राजनीतिक माहौल को देखते हुए कानून-व्यवस्था का मुद्दा अब बड़ा चुनावी मुद्दा बनता जा रहा है। विपक्ष लगातार अपराध और महिला सुरक्षा के सवाल पर सरकार को घेरने की रणनीति अपना रहा है, जबकि सरकार अपनी उपलब्धियों और विकास कार्यों को सामने रख रही है।

इधर सरकार की ओर से अभी तक तेजस्वी यादव के आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन एनडीए नेताओं का कहना है कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए अपराध के आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है। उनका दावा है कि सरकार अपराध नियंत्रण के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है और पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं।

हालांकि हाल के दिनों में बिहार में सामने आई कई बड़ी घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर बहस को और तेज कर दिया है। खासकर महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। विपक्ष अब इसे सरकार की सबसे बड़ी विफलता बताकर जनता के बीच मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।

फिलहाल बिहार की राजनीति में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा का मुद्दा केंद्र में आ गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। वहीं आम जनता की नजर इस बात पर टिकी है कि राज्य सरकार अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आगे क्या कदम उठाती है।

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