बिहार में ई-चालान बकाएदारों पर सख्ती की तैयारी, पुराने चालान नहीं चुकाए तो नई गाड़ी खरीदना होगा मुश्किल

पटना, 21 मई 2026। बिहार में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और ई-चालान को नजरअंदाज करने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग अब बड़ा और सख्त कदम उठाने जा रहा है। राज्य सरकार नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है, जिसके तहत पुराने वाहनों का बकाया ई-चालान जमा नहीं करने वाले लोग नई गाड़ी नहीं खरीद सकेंगे। परिवहन विभाग का मानना है कि इस नियम से सड़क सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और वर्षों से लंबित पड़े करोड़ों रुपये के चालान की वसूली भी संभव हो सकेगी।

सूत्रों के अनुसार विभाग ने इस प्रस्ताव का प्रारूप तैयार कर लिया है और इसे जल्द लागू करने की दिशा में काम चल रहा है। नई व्यवस्था के लागू होते ही अगर किसी व्यक्ति के नाम पर पुराने वाहन का चालान बकाया होगा तो उसका नया वाहन रजिस्ट्रेशन सिस्टम द्वारा रोक दिया जाएगा। यानी चालान जमा किए बिना नई कार या बाइक खरीदना आसान नहीं रहेगा।

परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया को केंद्रीय “वाहन” और “सारथी” पोर्टल से जोड़ा जाएगा। जैसे ही कोई व्यक्ति नया वाहन खरीदने के लिए शोरूम पहुंचेगा, उसके नाम, आधार या वाहन विवरण से जुड़े पुराने चालानों की जानकारी तुरंत सिस्टम में दिखाई देगी। यदि कोई लंबित ई-चालान पाया गया तो नए वाहन का रजिस्ट्रेशन स्वतः ब्लॉक हो जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में बड़ी संख्या में वाहन मालिक ई-चालान को गंभीरता से नहीं लेते। यातायात नियम तोड़ने के बाद कई लोग चालान कटने के बावजूद उसका भुगतान नहीं करते और वर्षों तक मामला लंबित रहता है। इससे न केवल सरकारी राजस्व प्रभावित होता है बल्कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।

परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार बिहार में लाखों वाहनों पर करोड़ों रुपये के ई-चालान बकाया हैं। इनमें हेलमेट नहीं पहनना, ओवरस्पीडिंग, सीट बेल्ट नहीं लगाना, रेड लाइट जंप करना, गलत पार्किंग और अन्य यातायात उल्लंघन शामिल हैं। विभाग का मानना है कि यदि चालान भुगतान को नई गाड़ी खरीदने जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा तो लोग समय पर जुर्माना भरने के लिए मजबूर होंगे।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह नियम केवल राजस्व वसूली के लिए नहीं बल्कि सड़क अनुशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से लाया जा रहा है। बिहार में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को देखते हुए सरकार अब यातायात नियमों के पालन को लेकर अधिक सख्त रवैया अपना रही है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक लोगों में नियम तोड़ने का डर नहीं होगा, तब तक सड़क सुरक्षा को प्रभावी तरीके से लागू करना मुश्किल रहेगा।

यातायात पुलिस के अनुसार कई वाहन चालक बार-बार नियमों का उल्लंघन करते हैं लेकिन चालान जमा नहीं करते। ऐसे लोगों के खिलाफ अब तकनीकी स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि डिजिटल निगरानी और ऑनलाइन सिस्टम के जरिए नियमों का पालन अधिक प्रभावी ढंग से कराया जा सकेगा।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऑटोमोबाइल डीलरों और शोरूम संचालकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। परिवहन विभाग सभी डीलरों को विशेष दिशा-निर्देश जारी करने की तैयारी में है। इसके तहत वाहन बुकिंग से पहले ग्राहकों के चालान रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।

यदि किसी ग्राहक के नाम पर पुराना ई-चालान बकाया होगा तो शोरूम संचालक उसे पहले चालान जमा करने की सलाह देंगे। जब तक ग्राहक “नो ड्यूज” की स्थिति में नहीं आएगा, तब तक वाहन की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकेगी। इससे वाहन खरीद प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल निगरानी के दायरे में आ जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम लोगों को यातायात नियमों के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाएगा। अभी तक कई लोग ई-चालान को केवल एक सामान्य नोटिस समझकर नजरअंदाज कर देते थे, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद इसका सीधा असर उनकी नई गाड़ी खरीदने की क्षमता पर पड़ेगा।

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि देश के कई राज्यों में डिजिटल ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। कैमरों और ऑनलाइन चालान व्यवस्था के कारण नियम उल्लंघन करने वालों की पहचान आसान हुई है। लेकिन चुनौती यह रही कि लोग चालान जमा करने में रुचि नहीं दिखाते। बिहार सरकार का नया प्रस्ताव इसी समस्या का समाधान माना जा रहा है।

परिवहन विभाग का यह भी मानना है कि यदि लोग समय पर चालान जमा करेंगे तो यातायात व्यवस्था में अनुशासन बढ़ेगा। सड़क पर लापरवाही से वाहन चलाने की घटनाओं में कमी आएगी और दुर्घटनाओं पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा।

हालांकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू करने से पहले व्यापक जागरूकता अभियान चलाना जरूरी होगा। लोगों को यह जानकारी देनी होगी कि उनका कोई पुराना चालान लंबित है या नहीं और वे उसे ऑनलाइन कैसे जमा कर सकते हैं। इसके लिए परिवहन विभाग डिजिटल सुविधा केंद्र और हेल्पलाइन की व्यवस्था भी कर सकता है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में ई-चालान सिस्टम को और आधुनिक बनाया जाएगा। चालान भुगतान, वाहन दस्तावेज सत्यापन और ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी प्रक्रियाओं को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की योजना है। इससे परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

राज्य सरकार का मानना है कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस कार्रवाई से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना भी जरूरी है। इसलिए अब नियमों को सीधे नागरिक सुविधाओं और वाहन खरीद प्रक्रिया से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।

यदि यह नियम लागू होता है तो बिहार उन राज्यों में शामिल हो जाएगा जहां डिजिटल ट्रैफिक अनुशासन को सख्ती से लागू किया जा रहा है। आने वाले दिनों में परिवहन विभाग इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर सकता है। फिलहाल वाहन मालिकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने पुराने ई-चालान की स्थिति जांच लें और लंबित जुर्माना समय पर जमा कर दें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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