पटना में भीषण गर्मी का कहर: DM का बड़ा फैसला, पांचवीं तक सभी स्कूल बंद; 6 से 8वीं तक की कक्षाओं का समय बदला

पटना, 21 मई 2026। बिहार की राजधानी पटना इन दिनों भीषण गर्मी और तेज लू की चपेट में है। लगातार बढ़ते तापमान और हीटवेव के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला लिया है। पटना के जिलाधिकारी ने जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में कक्षा पांचवीं तक की शैक्षणिक गतिविधियों को पूरी तरह बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। यह आदेश प्री-स्कूल, कोचिंग संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी लागू होगा।

जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार कक्षा छह से आठवीं तक की कक्षाएं भी अब सीमित समय तक ही संचालित की जा सकेंगी। इन कक्षाओं का संचालन केवल सुबह 10:30 बजे तक ही करने की अनुमति दी गई है। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में स्कूल या कोचिंग संस्थान चलाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का कहना है कि दोपहर के समय बढ़ती गर्मी और लू के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

यह आदेश 22 मई 2026 से 26 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा। जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि सभी शैक्षणिक संस्थानों को इस आदेश का सख्ती से पालन करना होगा। आदेश के उल्लंघन की स्थिति में प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है।

पटना में पिछले कुछ दिनों से तापमान लगातार बढ़ रहा है। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि हीटवेव की स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर सबसे अधिक असर पड़ सकता है।

जिलाधिकारी ने आदेश जारी करते हुए कहा कि छोटे बच्चों को लू और अत्यधिक गर्मी से बचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। बच्चों की शारीरिक क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है और लंबे समय तक तेज धूप में रहने से हीटस्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

जिला प्रशासन ने जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आईसीडीएस, सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन का निर्देश दिया है। अधिकारियों को कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्कूलों और कोचिंग संस्थानों की निगरानी करें तथा सुनिश्चित करें कि आदेश का पूरी तरह पालन हो।

प्रशासन की इस घोषणा के बाद अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। कई अभिभावकों का कहना है कि दोपहर के समय बच्चों को स्कूल से घर लौटने में काफी परेशानी हो रही थी। तेज गर्मी के कारण बच्चों में कमजोरी, सिरदर्द और चक्कर आने जैसी समस्याएं बढ़ रही थीं। ऐसे में जिला प्रशासन का यह कदम बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी था।

पटना के कई स्कूलों ने भी प्रशासनिक आदेश का स्वागत किया है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और गर्मी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह फैसला उचित है। कुछ निजी स्कूलों ने पहले ही अपनी टाइमिंग में बदलाव कर दिया था, लेकिन अब जिला प्रशासन के आदेश के बाद सभी संस्थानों के लिए एक समान व्यवस्था लागू हो जाएगी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों पर गर्मी का असर बड़ों की तुलना में अधिक तेजी से होता है। तेज धूप में लंबे समय तक रहने से शरीर का तापमान अचानक बढ़ सकता है, जिससे हीटस्ट्रोक का खतरा पैदा हो जाता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बच्चे अधिक से अधिक घर के अंदर रहें, पर्याप्त पानी पिएं और दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें।

गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विशेषज्ञों ने कहा है कि बच्चों को हल्के और सूती कपड़े पहनाएं, बार-बार पानी पिलाएं और धूप में निकलने से बचाएं। साथ ही बाहर निकलने पर सिर को ढंककर रखने और इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन करने की भी सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार मई के अंतिम सप्ताह में तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दिन के समय गर्म हवाओं की रफ्तार भी बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार के कई जिलों में इस समय हीटवेव जैसी स्थिति बनी हुई है और अगले कुछ दिनों तक राहत मिलने के आसार कम हैं।

पटना में स्कूल बंद होने का असर लाखों छात्रों पर पड़ेगा। हालांकि अभिभावकों का मानना है कि बच्चों की सुरक्षा के सामने पढ़ाई का नुकसान छोटा मुद्दा है। कई स्कूल ऑनलाइन असाइनमेंट और होमवर्क के माध्यम से पढ़ाई जारी रखने की तैयारी कर रहे हैं ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी की बढ़ती तीव्रता अब स्कूल शिक्षा व्यवस्था के लिए भी चुनौती बनती जा रही है। आने वाले वर्षों में मौसम के बदलते स्वरूप को देखते हुए स्कूलों की समय-सारणी और अवकाश व्यवस्था में स्थायी बदलाव की आवश्यकता पड़ सकती है।

पटना के अलावा बिहार के अन्य जिलों में भी गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। कई जगहों पर लोग दोपहर के समय घरों में रहने को मजबूर हैं। सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है और बाजारों में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है।

जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे गर्मी को हल्के में न लें और आवश्यक सावधानियां बरतें। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का ध्यान रखने को कहा गया है। प्रशासन ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति में लू के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

पटना में स्कूलों को बंद करने और कक्षाओं की टाइमिंग बदलने का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पूरा उत्तर भारत भीषण गर्मी की चपेट में है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस कदम से बच्चों को गर्मी से राहत मिलेगी और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम होंगे।

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