
पटना सिटी, 21 मई 2026। पटना जिले के ऐतिहासिक और घनी आबादी वाले पटना सिटी प्रक्षेत्र के चौक थाना इलाके में सामाजिक संवेगात्मक विचलनों और प्रतिशोधात्मक पागलपन की एक ऐसी रूह कांपने वाली अमानवीय वारदात सामने आई है, जिसने पूरे प्रादेशिक कानून-व्यवस्था और मानवीय चेतना को स्तब्ध कर दिया है। राजाराम गली स्थित एक आवासीय परिसर के भीतर बुधवार की सुबह एक सिरफिरे युवक ने अपनी अवांछित सनक और नाराजगी के चरम पर पहुंचकर खूनी पटकथा को लाइव कर दिया।
आरोपी ने घर के भीतर जबरन अनधिकृत प्रविष्टि हासिल की और वहां मौजूद अपनी तलाकशुदा पूर्व पत्नी, उसके नए सास-ससुर और दो मासूम बेटों पर अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ यानी पेट्रोल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया। इस वीभत्स अग्नि तांडव की चपेट में आने से पांचों लोग बुरी तरह झुलस गए, जिनमें से महिला के वृद्ध ससुर की इलाज के संक्षिप्त प्रक्रम के दौरान ही दर्दनाक मौत हो गई। जबकि पूर्व पत्नी, उसके दो बच्चे और नई सास अत्यंत नाजुक अवस्थिति में अस्पताल के बर्न वार्ड में जीवन और मृत्यु के मझधार में संधारित हैं। घटना की भयावहता को देखते हुए प्रक्षेत्र में भारी तनाव और प्रशासनिक सक्रियता बढ़ गई है।
15 साल पुराने वैवाहिक विन्यास का अंत और एक महीने पूर्व हुई दूसरी शादी से उपजी थी रंजिश
इस हृदयविदारक वारदात के अंतर्निहित और बुनियादी कारणों की स्क्रूटनी करने पर एक बेहद पेचीदा और प्रतिशोधात्मक पारिवारिक विवाद पटल पर आया है। पुलिस की प्राथमिक केस डायरी के अनुसार, चौक थाना क्षेत्र के पुआ गली के निवासी कन्हैया कुमार का विवाह लगभग 15 वर्ष पूर्व नंदगोला प्रक्षेत्र की रहने वाली प्रिया कुमारी के साथ विधिक रीति-रिवाजों के समन्वय से संपन्न हुआ था। इस लंबे वैवाहिक अंतराल के दौरान दोनों के दो बेटे आयुष कुमार और सूरज कुमार भी संधारित हुए। परंतु, कतिपय घरेलू विसंगतियों, अनवरत गृह-क्लेश और मानसिक विचलनों के कारण इस दंपत्ति के रिश्तों में गहरी दरार आ गई थी।
विवाद इस कदर गहराया कि मचलते दो महीने पूर्व ही कन्हैया कुमार और प्रिया कुमारी के बीच विधिक रूप से संबंध विच्छेद (तलाक) मुकम्मल हो गया, और दोनों के रास्ते पूरी तरह अलग हो गए। विधिक विच्छेद के उपरांत प्रिया कुमारी ने अपने जीवन को एक नया विन्यास देने का निर्णय लिया और पिछले महीने की 13 अप्रैल 2026 को राजाराम गली के निवासी गोविंद कुमार के साथ पुनर्विवाह कर लिया। प्रिया अपने दोनों बच्चों के साथ अपने नए पति गोविंद कुमार के घर में संधारित थी। परंतु, कन्हैया कुमार इस पुनर्विवाह की विधिक प्रविष्टि को अपनी पुरुषवादी सनक के चलते कतई स्वीकार नहीं कर पा रहा था। उसकी आंतरिक चेतना में प्रतिशोध और ईर्ष्या का एक खतरनाक चक्रव्यूह अनवरत सक्रिय हो रहा था, जिसके परिणामस्वरूप उसने इस भयावह नरसंहार की स्क्रिप्ट तैयार कर डाली।
बुधवार की सुबह 10:30 बजे घर में घुसा हमलावर, पेट्रोल छिड़ककर पूरे परिवार को किया आग के हवाले
वारदात के चश्मदीदों और धरातलीय साक्ष्यों के अनुसार, बुधवार की सुबह करीब 10:30 बजे जब राजाराम गली स्थित गोविंद कुमार के आवासीय परिसर के भीतर दैनिक गतिविधियां संधारित हो रही थीं, तभी आरोपी कन्हैया कुमार हाथ में पेट्रोल से भरा एक विशाल डिब्बा (कंटेनर) लेकर वहां धमक पड़ा। घर के मुख्य द्वार को खुला देख वह हिंसक तेवरों के साथ सीधे आंतरिक कमरों की ओर डाइवर्ट हो गया। इससे पहले कि घर के सदस्य उसकी इस संदेहास्पद प्रविष्टि का कड़ा विरोध दर्ज करा पाते, कन्हैया ने कमरे में मौजूद गोविंद के वृद्ध पिता पुरुषोतम नारायण अग्रवाल, मां नीलम देवी, पूर्व पत्नी प्रिया कुमारी और दोनों मासूम बेटों आयुष कुमार व सूरज कुमार को चारों तरफ से घेर लिया।
आरोपी ने बिना एक पल गंवाए उन पांचों के शरीरों और कमरों के बिस्तरों पर परिलक्षित गति से पेट्रोल उड़ेल दिया और माचिस की तीली जलाकर पूरे परिसर को आग की लपटों के हवाले कर दिया। देखते ही देखते पूरा कमरा एक दहकते हुए भभकते अग्निकुंड में तब्दील हो गया और भीतर फंसे मासूमों की चीख-पुकार से संपूर्ण राजाराम गली दहल उठी। आग लगाने के इस क्रूर और हड़बड़ी भरे प्रक्रम के दौरान स्वयं आरोपी कन्हैया कुमार भी लपटों की प्रखर चपेट में आ गया और उसका अपना शरीर भी आंशिक रूप से झुलस गया। चीख-पुकार सुनकर आस-पास के राहगीर और स्थानीय नागरिक जब तक मुहाने पर मुस्तैद होते, तब तक अपराधी भागने का प्रयास कर रहा था, जिसे भीड़ ने कड़े सांगठनिक साहस के बल पर मौके पर ही दबोच लिया।
इलाज के दौरान वृद्ध ससुर पुरुषोतम नारायण की थमीं सांसें, चार घायल एनएमसीएच में भर्ती
स्थानीय नागरिकों द्वारा दी गई त्वरित सूचना के आधार पर चौक थाने की पुलिस टीम भारी दलबल और अग्निशमन वाहनों के साथ तुरंत घटना स्थल पर मुस्तैद हुई। पुलिस के जवानों ने स्थानीय लोगों के सक्रिय सहयोग से कमरों के भीतर लगी आग पर काबू पाया और गंभीर रूप से झुलसकर तड़प रहे सभी पांचों पीड़ितों को तत्काल रेस्क्यू कर इलाज के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) के आपातकालीन बर्न वार्ड में भर्ती कराया।
अस्पताल के विशेष बर्न केयर यूनिट के डॉक्टरों के खोजी दस्तों द्वारा किए गए कड़े और प्रखरिक्सकीय प्रयासों के बावजूद, अत्यधिक झुलस जाने और श्वसन प्रणाली में विषैले धुएं के प्रविष्ट हो जाने के कारण वयोवृद्ध पुरुषोतम नारायण अग्रवाल के शरीर ने उपचार के संक्षिप्त अंतराल के उपरांत ही दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उन्हें विधिक रूप से मृत घोषित कर दिया। वहीं, दूसरी तरफ गंभीर रूप से जख्मी नीलम देवी, प्रिया कुमारी, मासूम आयुष कुमार और सूरज कुमार की शारीरिक अवस्थिति वर्तमान समय में भी अत्यंत चिंताजनक व नाजुक संधारित है। चिकित्सा कप्तानों की एक विशेष टीम चौबीसों घंटे इन चारों घायलों को लाइफ-सपोर्ट प्रणालियों पर रखकर स्थिर करने के प्रयासों में लाइव लगी हुई है।
आरोपी कन्हैया गिरफ्तार, फॉरेंसिक ऑडिट के लिए घटना स्थल पर पहुंची एफएसएल की टीम
चौक थाना पुलिस ने इस जघन्य और सनसनीखेज हत्याकांड को लेकर त्वरित कानूनी प्रक्रम सक्रिय कर दिया है। वारदात के समय झुलसे मुख्य आरोपी कन्हैया कुमार को पुलिस ने विधिक रूप से गिरफ्तार कर अपनी कड़ी कप्तानी अभिरक्षा (हिरासत) में ले लिया है। चूंकि वह भी आग की लपटों से आंशिक रूप से प्रभावित हुआ था, इसलिए पुलिस पहरे के बीच एक गुप्त वार्ड में उसका चिकित्सीय उपचार लाइव संधारित कराया जा रहा है, ताकि उसकी अवस्थिति सुधरते ही उससे कड़ाई से पूछताछ की जा सके।
पटना सिटी के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) डॉ. गौरव कुमार का आधिकारिक विधिक बयान:
“चौक थाना क्षेत्र के राजाराम गली में घटित यह वारदात अत्यंत अमानवीय और गंभीर है। घटना के तुरंत बाद पुलिस बल ने त्वरित एक्शन लेते हुए मुख्य आरोपित कन्हैया कुमार को विधिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है. वारदात के दौरान आरोपित भी झुलस गया है, जिसका पुलिस हिरासत में इलाज चल रहा है। घटना स्थल से वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन के वास्ते फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) की टीम को मुस्तैद किया गया है, जो बारूद और पेट्रोल के रासायनिक अंशों की बारीकी से जांच-पड़ताल कर रही है। मृतकों के शव का पोस्टमार्टम कराकर आगे की दंडात्मक कार्रवाई को कड़क धाराओं के तहत लाइन-अप किया जा रहा है।”
चौक थाना पुलिस ने मृतक पुरुषोतम अग्रवाल के पुत्र गोविंद कुमार और अन्य चश्मदीद गवाहों के फर्दबयान के आधार पर आरोपी कन्हैया कुमार के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध प्रवेश और साक्ष्य नष्ट करने की कड़क व गैर-जमानती धाराओं के तहत विधिक प्राथमिकी दर्ज कर ली है। केस डायरी के विन्यासों को अभेद्य बनाने के लिए जासूसी विंग घटना स्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और पेट्रोल की खरीद से जुड़े कतिपय स्रोतों की सघन स्क्रूटनी में पूरी क्षमता के साथ जुटी संधारित है।


