
भागलपुर, 19 मई 2026: भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड स्थित ममलखा पंचायत में मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविर में प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद देखने को मिला। बिहार सरकार के नगर आवास एवं विकास विभाग तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रभारी मंत्री ने शिविर में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
ममलखा पंचायत में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य गांव स्तर पर लोगों की समस्याओं का समाधान करना, सरकारी योजनाओं की जानकारी देना और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना था। सुबह से ही पंचायत परिसर में लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों पर ग्रामीणों ने अपनी शिकायतें और आवेदन जमा किए।
शिविर के दौरान स्वास्थ्य, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, शिक्षा, पेयजल, बिजली और भूमि विवाद से संबंधित मामलों के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए थे। अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री नितीश मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार गांव और पंचायत स्तर तक विकास योजनाओं को प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे और लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शिविर में प्राप्त हर आवेदन पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि तय समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखें और पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
शिविर के दौरान मंत्री ने कई ग्रामीणों से सीधे बातचीत की। लोगों ने सड़क, बिजली, कटाव, राशन, पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी समस्याएं उनके सामने रखीं। मंत्री ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने भी विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी। लोगों को बताया गया कि सरकार द्वारा चल रही कई योजनाओं का लाभ ऑनलाइन और पंचायत स्तर पर भी उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
शिविर में भागलपुर के जिलाधिकारी , वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव, सिटी एसपी शैलेंद्र कुमार सिंह, सांसद , नाथनगर विधायक और डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और वहां दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने कर्मचारियों को निर्देश दिया कि लोगों के आवेदन लेने के साथ-साथ उनकी समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया भी समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।
सांसद अजय मंडल ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार गांवों तक विकास पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर ऐसे शिविर आयोजित होने से आम लोगों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ती है और लोगों का भरोसा भी मजबूत होता है।
नाथनगर विधायक मिथुन यादव ने भी ग्रामीणों से संवाद किया और कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति तेज की जाए और लोगों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले।
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि सहयोग शिविर प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों की निगरानी की जाएगी और जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव नहीं हो पाया है, उन पर जल्द कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
शिविर में पहुंचे कई ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की। फरियादी अशोक मंडल ने कहा कि गांव में ही अधिकारियों और मंत्रियों के पहुंचने से लोगों को अपनी समस्याएं सीधे रखने का अवसर मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन अब उनकी शिकायतों पर जल्द कार्रवाई करेगा।
एक अन्य फरियादी नीरज मल्होत्रा ने कहा कि पहले छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब पंचायत स्तर पर शिविर लगने से लोगों को काफी सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि यदि नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते रहें तो ग्रामीणों की कई समस्याओं का समाधान आसान हो जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायत स्तर पर आयोजित ऐसे सहयोग शिविर ग्रामीण प्रशासन को अधिक जवाबदेह और सक्रिय बनाने में मदद कर सकते हैं। इससे सरकार की योजनाओं की वास्तविक स्थिति का पता चलता है और लोगों की शिकायतें सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचती हैं।
ममलखा पंचायत में आयोजित यह सहयोग शिविर केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सरकार और ग्रामीणों के बीच संवाद को मजबूत करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि शिविर में उठाए गए मुद्दों पर जल्द कार्रवाई होगी और गांवों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।


