
भागलपुर, 19 मई 2026: भागलपुर शहर में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर निगम और पथ निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार को लोहिया पुल के नीचे और आसपास के क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर सड़क किनारे लगी अस्थायी दुकानों को हटाया। कार्रवाई के दौरान कई सब्जी और फल विक्रेताओं को वहां से हटने का निर्देश दिया गया, जिससे इलाके में काफी हलचल और अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला।
प्रशासन की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य पुल के नीचे बढ़ते अतिक्रमण को हटाना और पुल की तकनीकी जांच तथा सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाना बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार पुल के नीचे लगातार बढ़ रही अस्थायी दुकानों और भीड़भाड़ के कारण निरीक्षण कार्य प्रभावित हो रहा था, जिससे भविष्य में सुरक्षा संबंधी समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका बढ़ रही थी।
सुबह से ही नगर निगम और पथ निर्माण विभाग की टीम भारी संख्या में मौके पर पहुंची। अधिकारियों के साथ नगर निगम कर्मी और सुरक्षा बल भी मौजूद थे। अभियान शुरू होते ही सड़क किनारे लगी सब्जी, फल और अन्य छोटी दुकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। कई दुकानदारों ने सामान समेटकर खुद ही जगह खाली कर दी, जबकि कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध भी किया।
स्थानीय लोगों के अनुसार लोहिया पुल के नीचे लंबे समय से अस्थायी दुकानें लग रही थीं। धीरे-धीरे यह इलाका छोटे बाजार का रूप लेने लगा था, जिसके कारण यातायात और सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। खासकर सुबह और शाम के समय यहां भारी भीड़ लग जाती थी, जिससे पुल के नीचे जाम जैसी स्थिति बन जाती थी।
पथ निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर रणधीर कुमार ने बताया कि पुल की नियमित जांच और तकनीकी निरीक्षण के लिए क्षेत्र को खाली रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पुल के नीचे अतिक्रमण होने से इंजीनियरिंग टीम को निरीक्षण कार्य में परेशानी हो रही थी। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई है ताकि भविष्य में किसी तरह का खतरा उत्पन्न न हो।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पुल जैसी महत्वपूर्ण संरचनाओं के आसपास अनियंत्रित अतिक्रमण तकनीकी रूप से खतरनाक साबित हो सकता है। निरीक्षण के दौरान मशीनों और तकनीकी टीमों को पर्याप्त जगह की आवश्यकता होती है, लेकिन लगातार बढ़ते अस्थायी बाजार के कारण यह कार्य बाधित हो रहा था।
नगर निगम की टीम ने दुकानदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क किनारे और पुल के नीचे दोबारा दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई होगी।
अभियान के दौरान कई छोटे दुकानदारों में नाराजगी भी देखने को मिली। कुछ विक्रेताओं का कहना था कि वे वर्षों से यहां दुकान लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। अचानक कार्रवाई होने से उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। दुकानदारों ने प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की।
हालांकि प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत कब्जा शहर की व्यवस्था को प्रभावित करता है। सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण न केवल यातायात प्रभावित होता है बल्कि सफाई और सुरक्षा संबंधी समस्याएं भी बढ़ती हैं। अधिकारियों ने कहा कि लोगों को निर्धारित बाजार क्षेत्रों में ही दुकान लगाने की अनुमति दी जाएगी।
स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रिया भी इस कार्रवाई को लेकर मिली-जुली रही। कुछ लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि लोहिया पुल के नीचे लगातार बढ़ती भीड़ के कारण जाम और अव्यवस्था की समस्या गंभीर हो गई थी। वहीं कुछ लोगों ने छोटे दुकानदारों की परेशानियों को देखते हुए उनके पुनर्वास की मांग उठाई।
विशेषज्ञों का मानना है कि शहरों में बढ़ते अतिक्रमण की समस्या अब बड़ी चुनौती बन चुकी है। सड़क किनारे अस्थायी बाजारों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और कई बार दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। पुलों और सार्वजनिक संरचनाओं के आसपास अतिक्रमण तकनीकी रूप से और भी संवेदनशील माना जाता है।
भागलपुर में हाल के महीनों में नगर निगम द्वारा कई इलाकों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया है। प्रशासन का दावा है कि शहर की सड़कों को व्यवस्थित बनाने, यातायात सुचारु रखने और सार्वजनिक स्थलों को सुरक्षित रखने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक है।
इधर, नगर निगम अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में शहर के अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी अभियान चलाया जा सकता है। खासकर मुख्य सड़कों, पुलों, बाजारों और सरकारी जमीनों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की योजना तैयार की जा रही है।
वन दस्त प्रभारी जयप्रकाश यादव ने कहा कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि शहर को व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार चलने वाली प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्जा न करें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।
लोहिया पुल के नीचे चलाए गए इस अभियान के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना रहा। कई लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन लगातार निगरानी रखे तो शहर में यातायात और सफाई व्यवस्था में काफी सुधार हो सकता है। वहीं छोटे दुकानदार अब वैकल्पिक जगह की मांग कर रहे हैं ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो।
फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। ऐसे में आने वाले दिनों में भागलपुर के अन्य इलाकों में भी प्रशासनिक सख्ती देखने को मिल सकती है।


