
पटना हाई कोर्ट ने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को बड़ी राहत देते हुए उनकी Y+ श्रेणी की सुरक्षा बहाल कर दी है। अदालत ने बिहार सरकार द्वारा सुरक्षा घटाने के आदेश को रद्द कर दिया।
कोर्ट ने सरकार के फैसले पर उठाए सवाल
जस्टिस जितेंद्र कुमार की अदालत ने कहा कि कार्यपालिका के सभी फैसले कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप होने चाहिए। कोर्ट ने पाया कि सुरक्षा घटाने से पहले कोई ठोस और वस्तुनिष्ठ खतरा आकलन नहीं किया गया था।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता कनिष्क अरोड़ा ने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 यानी जीवन और व्यक्तिगत सुरक्षा के अधिकार से जुड़ा मामला बताया।
सितंबर 2025 में घटाई गई थी सुरक्षा
बिहार सरकार ने सितंबर 2025 में पप्पू यादव की सुरक्षा Y+ से घटाकर Y श्रेणी कर दी थी। इसके खिलाफ पहले सुप्रीम कोर्ट और बाद में पटना हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई।
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि:
“यह देश नौकरशाही के शासन से नहीं, कानून के शासन से चलता है।”
जान का खतरा होने का दावा
सांसद की ओर से अदालत में कहा गया कि उन्हें लगातार आपराधिक गिरोहों और संगठित अपराधियों से धमकियां मिल रही हैं। इसके बावजूद सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में उचित कदम नहीं उठाए गए।
क्या होती है Y+ सुरक्षा?
भारत में सुरक्षा व्यवस्था कई श्रेणियों में बांटी जाती है — X, Y, Y+, Z और Z+।
Y+ सुरक्षा श्रेणी में आमतौर पर 11 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं, जिनमें कमांडो और पीएसओ भी शामिल होते हैं।
अब हाई कोर्ट के फैसले के बाद पप्पू यादव को फिर से Y+ सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।


