
पटना, 21 जुलाई: बिहार में मछली उत्पादन को वैज्ञानिक, आधुनिक और व्यावसायिक स्वरूप देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद बिहार जलकृषि आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (Bihar Aquaculture Infrastructure and Development Corporation Limited) के गठन का रास्ता साफ हो गया है। सरकार का मानना है कि इस निगम के गठन से मछली उत्पादन, अनुसंधान, प्रसंस्करण और विपणन को नई गति मिलेगी तथा बिहार को देश के अग्रणी मत्स्य उत्पादक राज्यों में और मजबूत पहचान मिलेगी।
8 जुलाई को मंत्रिपरिषद ने दी मंजूरी
सरकार के अनुसार, 8 जुलाई को राज्य मंत्रिपरिषद ने निगम के गठन को औपचारिक स्वीकृति प्रदान की थी। कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत गठित होने वाला यह निगम डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अधीन कार्य करेगा।
एक ही छत के नीचे होंगी मत्स्य क्षेत्र की प्रमुख गतिविधियां
सरकार का कहना है कि नए निगम के गठन के बाद मत्स्य क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण गतिविधियों का संचालन एकीकृत ढंग से किया जाएगा। इनमें—
- मत्स्य बीज उत्पादन
- हैचरी का संचालन एवं अनुश्रवण
- ब्रूड बैंक का संचालन
- सरकारी मत्स्य बीज प्रक्षेत्रों का विकास
- जलाशयों का विकास
- एक्वेटिक रेफरल लैब का संचालन
- फ्रेश कैच आउटलेट्स का संचालन
- मछली प्रसंस्करण एवं विपणन
जैसी गतिविधियां शामिल होंगी। इससे उत्पादन से लेकर बाजार तक की पूरी श्रृंखला को मजबूती मिलेगी।
अनुसंधान और आधुनिक तकनीक को मिलेगा बढ़ावा
विभाग के अनुसार, निगम के गठन से अनुसंधान, उत्पादन और प्रसंस्करण के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। आधुनिक तकनीकों के उपयोग से मछली उत्पादन में वृद्धि होगी, उत्पादन लागत कम होगी और मछली पालकों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
एकीकृत एक्वापार्क और ब्रूड बैंक पर भी जोर
चतुर्थ कृषि रोडमैप और सात निश्चय कार्यक्रम के तहत सरकार मत्स्य पालन को बढ़ावा दे रही है। इसी क्रम में एकीकृत एक्वापार्क, आधुनिक फ्रेश कैच आउटलेट्स, बिहार एक्वाकल्चर इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम, मत्स्य ब्रूड बैंक और उन्नत हैचरी जैसी योजनाओं को भी गति दी जाएगी।
15 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में बिहार में 10.28 लाख मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ। इसमें से 89.62 हजार मीट्रिक टन मछली नेपाल सहित अन्य राज्यों और क्षेत्रों में भेजी गई। राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में मछली उत्पादन बढ़ाकर 15 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
सरकार का मानना है कि नए निगम के गठन से मत्स्य क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और बिहार के मछली पालकों की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।
नोट: यह समाचार डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार सरकार द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।


