
पटना, 21 जुलाई: बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) में विभिन्न पदों पर चयनित 2,446 अभ्यर्थियों को मंगलवार को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। पटना के शास्त्रीनगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना लागू करने वाला बिहार देश का पहला राज्य है।
“महिला रोजगार योजना ने बदली लाखों महिलाओं की जिंदगी”
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना आज एक बड़े अभियान का रूप ले चुकी है। उन्होंने कहा कि इस योजना ने लाखों महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
1.81 करोड़ परिवारों को मिली पहली किस्त
मंत्री ने बताया कि राज्य में करीब 13 लाख स्वयं सहायता समूह कार्यरत हैं, जिनसे 1 करोड़ 81 लाख परिवार जुड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत इन परिवारों को 10-10 हजार रुपये की पहली किस्त उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि रोजगार शुरू करने वाली महिलाओं को अतिरिक्त सहायता के रूप में 2 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद भी दी जाएगी।
अब शहरी क्षेत्रों में भी लागू होगी योजना
श्रवण कुमार ने कहा कि योजना की सफलता को देखते हुए अब इसे शहरी क्षेत्रों में भी लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्राप्त लगभग 18 लाख आवेदनों का शीघ्र निस्तारण कर पात्र महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
नवनियुक्त कर्मी निभाएंगे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
मंत्री ने कहा कि नियुक्ति पाने वाले युवा परियोजना प्रबंधन, तकनीकी सहायता और सामुदायिक समन्वय से जुड़े विभिन्न पदों पर कार्य करेंगे। इनमें प्रखंड परियोजना प्रबंधक, सामुदायिक समन्वयक, क्षेत्रीय समन्वयक, जीविकोपार्जन विशेषज्ञ, लेखापाल, ब्लॉक आईटी एग्जीक्यूटिव और कार्यालय सहायक जैसे पद शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी कर्मी ग्रामीण महिलाओं को आजीविका और रोजगार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
किसान उत्पादक कंपनियों का भी किया जिक्र
मंत्री ने कहा कि राज्य में 72 किसान उत्पादक कंपनियां (एफपीओ) संचालित हैं, जिनका कारोबार 265 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। इन संस्थाओं के माध्यम से एक लाख से अधिक ग्रामीणों को रोजगार और आजीविका के अवसर मिले हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
नोट: यह समाचार ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।


