भागलपुर के भथुआचक में मकई के खेत में महिला की गला रेतकर बेरहमी से हत्या: पांच साल पहले पिता और अब मां को मारने का आरोप, गांव में भारी तनाव

भागलपुर, 17 मई 2026। जिला पुलिस के कानून-व्यवस्था विंग को चुनौती देते हुए अपराधियों ने मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है। बेलखोरिया पंचायत के अंतर्गत आने वाले भथुआचक नवटोलिया गांव में शनिवार की देर शाम एक 50 वर्षीय महिला की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई। इस वीभत्स हत्याकांड के बाद पूरे ग्रामीण इलाके में आक्रोश और भय का माहौल व्याप्त हो गया है। मृतका की पहचान स्थानीय निवासी बैजनाथ मंडल की पत्नी रुकमणि देवी के रूप में की गई है। घटना की जानकारी मिलते ही मृतका के परिजनों में कोहराम मच गया। मृतका के बेटों और बेटियों ने गांव के ही कुछ रसूखदार लोगों पर सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि यह अचानक आवेश में आकर की गई हत्या नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी विधा के तहत पुरानी रंजिश और कानूनी मुकदमों का बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया है। घटना के बाद से ही आरोपी पक्ष के सभी लोग घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों का शक विधिक रूप से और गहरा गया है।

बहियार में मकई फसल की रखवाली के दौरान घात लगाकर बैठे अपराधियों ने किया हमला

​घटनाक्रम के अनुसार, शनिवार की दोपहर रुकमणि देवी रोजाना की तरह अपने घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित बहियार (खेतों का विस्तृत प्रक्षेत्र) में गई थीं। इन दिनों खेतों में मकई की फसल तैयार हो रही है, जिसकी जंगली जानवरों और चोरों से रखवाली करने के लिए ग्रामीण इलाकों में किसान दिन-रात खेतों में समय बिताते हैं। रुकमणि देवी भी दोपहर से ही मकई के खेत की रखवाली कर रही थीं। देर शाम जब सूर्य ढल गया और आसपास के खेतों में काम करने वाले अन्य मजदूर अपने-अपने घरों की ओर लौटने लगे, तब भी रुकमणि देवी घर वापस नहीं आईं।

​इधर, बिजली कंपनी में मानव बल (आउटसोर्सिंग कर्मी) के रूप में कार्यरत मृतका का बड़ा बेटा अमित कुमार शाम करीब 7:00 बजे अपनी आधिकारिक ड्यूटी पूरी कर घर वापस लौटा था। घर पहुंचने पर जब उसने अपनी मां को वहां नहीं देखा, तो उसने अपनी बहनों और भाई से पूछताछ की। परिजनों ने बताया कि मां दोपहर से ही बहियार गई हुई हैं और अब तक वापस नहीं लौटी हैं। रात के अंधेरे में मां के अकेले बहियार में होने की चिंता के कारण अमित कुमार हाथ में टॉर्च लेकर खेतों की ओर रवाना हुआ। गांव से आधा किलोमीटर दूर जब वह अपनी मकई के खेत के समीप पहुंचा, तो टॉर्च की रोशनी में उसे कुछ संदेहास्पद चीजें दिखाई दीं।

​खेत के मुहाने पर मकई का कटा हुआ बोझा बेतरतीब तरीके से जमीन पर फेंका हुआ था। अमित ने जब टॉर्च की रोशनी को थोड़ा और आगे बढ़ाया, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसकी मां रुकमणि देवी रक्तरंजित स्थिति में जमीन पर पड़ी हुई थीं। उनके गले पर किसी बेहद धारदार हथियार (जैसे हसुआ या दाव) से गहरा कट लगा हुआ था, जिससे अत्यधिक मात्रा में खून बह चुका था और उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। अमित के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के अन्य ग्रामीण भी खेतों की ओर दौड़े, जिसके बाद इस खौफनाक हत्याकांड का खुलासा हुआ।

पांच वर्ष पुराना प्रतिशोध और बैट्री चोरी का हालिया विवाद बना हत्या का कारण

​इस हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ते हुए मृतका के बेटे अमित कुमार ने मधुसूदनपुर थाना पुलिस के समक्ष गांव के ही एक खास गुट के लोगों पर नामजद आरोप लगाया है। अमित कुमार ने रोते हुए पुलिस अधिकारियों को बताया कि उसके परिवार के साथ आरोपितों की रंजिश बहुत पुरानी और विधिक रूप से विवादित है। ठीक पांच साल पहले, आरोपितों ने अमित के पिता बैजनाथ मंडल को भी एक साजिश के तहत मौत के घाट उतार दिया था। उस समय पिता को अपने घर में छप्पर छाड़ने (घर की मरम्मत) के बहाने बुलाया गया था और वहां बिजली का नंगा तार सटाकर करंट लगाकर उनकी हत्या कर दी गई थी। बैजनाथ मंडल का शव भी आरोपितों के घर के भीतर से ही विधिक रूप से बरामद हुआ था, जिसका नियमित आपराधिक मुकदमा भागलपुर न्यायालय में वर्तमान समय में भी विचाराधीन है।

​परिजनों का आरोप है कि आरोपित पक्ष लगातार रुकमणि देवी और उनके बच्चों पर कोर्ट में चल रहे उस पुराने मर्डर केस को वापस लेने और विधिक समझौता करने का मानसिक दबाव बना रहे थे। केस वापस न लेने पर अंजाम भुगतने की धमकियां दी जा रही थीं। इसी बीच, महज पांच दिन पहले एक नया विवाद तब उत्पन्न हुआ जब आरोपितों के ट्रैक्टर से एक कीमती बैट्री चोरी हो गई। आरोपितों ने बिना किसी ठोस विधिक साक्ष्य के सीधे अमित कुमार के घर पर आकर गाली-गलौज की और बैट्री चोरी का आरोप मढ़ दिया। परिजनों का कहना है कि इसी बैट्री चोरी के झूठे विवाद को ढाल बनाकर और पुराने केस में गवाही को प्रभावित करने के उद्देश्य से शनिवार की शाम रुकमणि देवी को अकेला पाकर उनकी गला रेतकर हत्या कर दी गई।

बेटी का दर्दनाक बयान: ‘कई दिनों से बहियार में मां का पीछा कर रहा था आरोपी’

​रुकमणि देवी के अचानक चले जाने से उनके पीछे उनके पांच बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका की बेटियों ने अस्पताल और घटनास्थल पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों के सामने एक और चौंकाने वाला विधिक खुलासा किया है। रोती हुई बेटी ने बताया कि उसकी मां पिछले कुछ दिनों से बेहद डरी और सहमी हुई थीं। पूछने पर मां ने चार-पांच दिन पहले घर में बताया था कि जब भी वह दोपहर के समय बहियार में मकई की फसल की रखवाली करने जाती हैं, तो आरोपित पक्ष का एक मुख्य युवक खेतों की आड़ लेकर लगातार उनका पीछा करता है और संदेहास्पद नजर रखता है।

​परिजनों ने बताया कि उन्होंने इस पीछा करने की घटना को सामान्य ग्रामीण विवाद समझा और सोचा कि शायद वे लोग केवल डराने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें कतई अंदाजा नहीं था कि आरोपित इतनी क्रूर विधा अपनाकर उनकी मां की जान ले लेंगे। बेटियों का आरोप है कि बहियार में एकांत होने का फायदा उठाकर अपराधियों ने पीछे से वार किया और गला रेतने के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को मकई के बोझों के बीच छिपाने का भी आंशिक प्रयास किया। मृतका के बच्चों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि जब तक सभी नामजद आरोपियों को विधिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया जाता, उनका परिवार सुरक्षित नहीं है।

प्रशासनिक हस्तक्षेप और एफएसएल की तकनीकी जांच

​घटना की विधिक और सामाजिक संवेदनशीलता को देखते हुए भागलपुर के एसपी सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह सहित अनुमंडल के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पुलिस बल के साथ देर रात ही भथुआचक नवटोलिया गांव पहुंचे। घटनास्थल पर मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों और आक्रोशित परिजनों ने शुरुआत में शव को अपने विधिक नियंत्रण में लेने से पुलिस का कड़ा विरोध किया। परिजनों की विधिक मांग थी कि जब तक हत्यारों की गिरफ्तारी धरातल पर सुनिश्चित नहीं होती, वे शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाने की अनुमति नहीं देंगे। एसपी सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह और मधुसूदनपुर थाना अध्यक्ष ने काफी समय तक आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर और त्वरित विधिक कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल भेजा जा सका।

पुलिस अनुसंधान के मुख्य तकनीकी बिंदु:

  • एफएसएल टीम का आगमन: मुख्यालय के निर्देश पर भागलपुर से फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की एक विशेष तकनीकी टीम ने रात में ही मकई के खेत का बारीकी से निरीक्षण किया।
  • साक्ष्यों का संकलन: एफएसएल विशेषज्ञों ने मृतका के शरीर पर मिले घाव की प्रकृति, घटनास्थल की मिट्टी पर बिखरे खून के धब्बे और हमलावरों के पैरों के संभावित निशानों को विधिक साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया है।
  • हथियार की खोज: पुलिस की खोजी टीमें बहियार की झाड़ियों और आसपास के कुओं में उस धारदार हथियार को तलाश रही हैं, जिससे गला रेता गया था।
  • सीसीटीवी और मोबाइल ट्रैकिंग: गांव के निकास मार्गों पर लगे संदेहास्पद विभावों और आरोपितों के मोबाइल फोन के अंतिम विधिक लोकेशन को खंगाला जा रहा है।

​प्रशासनिक स्तर पर मामले की प्रगति की जानकारी देते हुए एसपी सिटी शैलेंद्र कुमार सिंह ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि 50 वर्षीय महिला की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या की गई है। प्रथम दृष्टया मामला पुराने पारिवारिक और विधिक विवादों से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है, लेकिन पुलिस हर संभावित कोण से इस बिंदु की जांच कर रही है। परिजनों द्वारा लिखित विधिक शिकायत (तहरीर) थानों में समर्पित की जा रही है, जिसके आधार पर सुसंगत धाराओं के तहत नियमित प्राथमिकी दर्ज कर नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी दल गठित कर दिए गए हैं।

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