
आजमगढ़/सीवान, 17 मई 2026। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले कंधरापुर थाना क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एक अत्यंत हृदयविदारक और भीषण सड़क दुर्घटना घटित हुई है। इस दर्दनाक हादसे ने बिहार के सीवान जिले के एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। शनिवार की दोपहर बाद एक्सप्रेस-वे की लेन पर तेज गति से दौड़ रही एक अनियंत्रित कार आगे चल रहे एक विशालकाय कंटेनर ट्रक के पिछले हिस्से में अत्यंत तीव्रता के साथ जा घुसी। इस भीषण टक्कर के परिणामस्वरूप कार में सवार पांच लोगों की घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में बिहार के सीवान जिले के मूल निवासी एक दंपती और उनकी दो सगी नाबालिग बेटियां शामिल हैं, जबकि पांचवें मृतक की पहचान स्थापित करने के विधिक प्रयास पुलिस द्वारा किए जा रहे हैं। हादसा इतना भयानक था कि टक्कर की गूंज कई सौ मीटर दूर तक सुनाई दी और कार के परखचे उड़कर लोहे के मलबे में तब्दील हो गए। इस घटना की सूचना मिलते ही सीवान के सिसवन प्रखंड स्थित पीड़ित परिवार के पैतृक गांव में कोहराम मच गया है और पूरे प्रक्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।
पुल के समीप किलोमीटर 238.5 पर अनियंत्रित होकर कंटेनर में समाई कार
इस भीषण दुर्घटना के संदर्भ में आजमगढ़ के एसपी ट्रैफिक पंकज श्रीवास्तव ने विधिक और व्यावहारिक विवरण साझा करते हुए बताया कि यह हादसा शनिवार अपराह्न करीब 3:00 बजे एक्सप्रेस-वे के किलोमीटर संख्या 238.5 के समीप घटित हुआ। सीवान से फरीदाबाद (हरियाणा) की ओर जा रही कार जैसे ही कंधरापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक ऊंचे पुल के पास पहुंची, तभी अचानक उसकी गति अनियंत्रित हो गई। एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की गति सामान्य सड़कों से काफी अधिक होती है, जिसके कारण चालक वाहन पर से अपना नियंत्रण पूरी तरह खो बैठा।
नियंत्रण खोने के बाद कार आगे चल रहे एक भारी मालवाहक कंटेनर ट्रक के पिछले हिस्से (रियर एंड) में अत्यंत वेग के साथ जा टकराई। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और वह कंटेनर के नीचे विधिक रूप से फंस गई। पुल के समीप खेतों में काम कर रहे स्थानीय ग्रामीणों ने जब लोहे के टकराने की गूंज सुनी, तो वे डर के मारे घटनास्थल की ओर दौड़े। कार के भीतर फंसे लोग पूरी तरह लहूलुहान हो चुके थे और उनके भीतर कोई हलचल नहीं हो रही थी। ग्रामीणों ने बिना कोई विधिक समय गंवाए इसकी सूचना आपातकालीन पुलिस सेवा डायल 112 को दी, जिसके बाद स्थानीय पुलिस टीम मौके पर रवाना हुई।
सीवान के ग्यासपुर गांव के रहने वाले थे मृतक, फरीदाबाद के लिए निकले थे
पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक विधिक जांच और कार के भीतर से बरामद किए गए पहचान पत्रों, दस्तावेजों व मोबाइल फोन के आधार पर मृतकों की शिनाख्त सुनिश्चित की गई है। इस हादसे में जान गंवाने वाले चार लोग एक ही परिवार के सदस्य थे। मृतक मनीष कुमार श्रीवास्तव (40 वर्ष) बिहार के सीवान जिले के सिसवन प्रखंड के अंतर्गत आने वाले ग्यासपुर गांव के मूल निवासी थे। वे वर्तमान समय में अपने परिवार की आजीविका और बच्चों की उच्च शिक्षा के सिलसिले में हरियाणा के फरीदाबाद शहर में सपरिवार रह रहे थे।
हादसे में मनीष कुमार श्रीवास्तव के साथ उनकी पत्नी कंचन श्रीवास्तव, बड़ी बेटी अदिति और छोटी बेटी आस्था की भी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार कुछ दिनों पहले अपने पैतृक गांव सीवान आया हुआ था और शनिवार को वे सभी वापस फरीदाबाद के लिए कार से रवाना हुए थे। रास्ते में ही नियति ने इस पूरे परिवार को अपनी चपेट में ले लिया। कार के भीतर से बच्चों की किताबें, कपड़े और घरेलू सामग्रियां क्षत-विक्षत स्थिति में बिखरी पाई गईं, जिन्हें पुलिस ने अपने विधिक संरक्षण में ले लिया है। इस सामूहिक मौत के कारण पूरा परिवार एक झटके में समाप्त हो गया है।
पांचवें शव की शिनाख्त में जुटी पुलिस, क्रेन की मदद से काटना पड़ा कार का लोहा
एसपी ट्रैफिक पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि कार के भीतर कुल पांच लोग सवार थे, जिनमें से चार की पहचान तो मनीष कुमार श्रीवास्तव के परिवार के रूप में हो गई है, लेकिन पांचवें मृतक की शिनाख्त अभी तक विधिक रूप से स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस को अंदेशा है कि पांचवां व्यक्ति या तो कार का पेशेवर चालक (ड्राइवर) था या फिर परिवार का कोई करीबी रिश्तेदार, जो उनके साथ फरीदाबाद जा रहा था। पांचवें शव की शिनाख्त के लिए सीवान पुलिस और ग्यासपुर के स्थानीय ग्रामीणों से संपर्क साधा जा रहा है।
हादसे की सूचना मिलने के तुरंत बाद कंधरापुर थाने की पुलिस और एक्सप्रेस-वे की विधिक सुरक्षा टीम क्रेन और गैस कटर मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। कार कंटेनर के पिछले हिस्से में इतनी कड़ाई से फंस चुकी थी कि शवों को बाहर निकालने के लिए पुलिस और स्थानीय नागरिकों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। क्रेन के माध्यम से पहले कार को कंटेनर से अलग किया गया और फिर गैस कटर से कार के दरवाजों और छत को काटकर पांचों शवों को बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने सभी पांचों शवों को अपने विधिक नियंत्रण में लेते हुए पोस्टमार्टम और शव परीक्षण के लिए जिला अस्पताल के मर्च्युरी हाउस भेज दिया है।
सीवान के सिसवन प्रखंड में पसरा सन्नाटा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
जैसे ही उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से सीवान जिला प्रशासन को इस भीषण हादसे की आधिकारिक विधिक सूचना प्राप्त हुई, वैसे ही सिसवन प्रखंड के ग्यासपुर गांव में मातम पसर गया। मनीष कुमार श्रीवास्तव के पैतृक घर और उनके पट्टीदारों के घरों में चीख-पुकार मच गई। गांव के प्रबुद्ध नागरिकों और रिश्तेदारों ने बताया कि मनीष बेहद मिलनसार और सीधे स्वभाव के व्यक्ति थे। वे फरीदाबाद में रहकर कड़ी मेहनत कर रहे थे ताकि अपनी बेटियों अदिति और आस्था को एक बेहतर भविष्य और उच्च शिक्षा दिला सकें।
गांव के लोगों को विश्वास ही नहीं हो रहा है कि जो परिवार कल तक उनके बीच हंस-बोल रहा था, वह अब इस दुनिया में नहीं है। मनीष के वृद्ध माता-पिता और सगे-संबंधी इस सामूहिक वज्रपात को सहन नहीं कर पा रहे हैं और बार-बार अचेत हो रहे हैं। गांव के कई लोग और रिश्तेदार शवों का विधिक प्रभार लेने और उन्हें पैतृक गांव वापस लाने के लिए आजमगढ़ के लिए रवाना हो चुके हैं। सीवान जिला प्रशासन ने भी आजमगढ़ पुलिस से संपर्क साधे रखा है ताकि पोस्टमार्टम की प्रक्रियाओं को जल्द पूरा कराकर शवों को सुरक्षित बिहार भेजने के विधिक प्रबंध किए जा सकें।
एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा और तकनीकी अनुसंधान की विधिक प्रक्रिया शुरू
आजमगढ़ पुलिस और यातायात विभाग की तकनीकी टीम ने घटनास्थल (किलोमीटर 238.5) का बारीकी से निरीक्षण किया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर इतनी बड़ी दुर्घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या थे। एक्सप्रेस-वे पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि कार की गति का विधिक आकलन किया जा सके। प्रारंभिक तकनीकी अनुसंधान में यह बात सामने आ रही है कि कार की रफ्तार सामान्य से काफी अधिक थी।
पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि क्या अचानक कार का टायर फटने के कारण नियंत्रण खोया या फिर दोपहर के समय चालक को नींद की झपकी आ जाने की वजह से यह भयानक रियर-एंड कोलिजन (पीछे से टक्कर) हुआ। कंटेनर ट्रक के चालक को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है कि क्या उसने एक्सप्रेस-वे की लेन पर अचानक ब्रेक लगाए थे, जिसके कारण पीछे आ रही कार को संभलने का मौका नहीं मिला। एक्सप्रेस-वे सुरक्षा बल ने दुर्घटनाग्रस्त कार और कंटेनर को सड़क से हटाकर किनारे कर दिया है ताकि यातायात को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके और किसी अन्य हादसे की गुंजाइश न रहे।


