​भागलपुर के पीरपैंती में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: केले के बागान से भारी मात्रा में देशी-विदेशी शराब जब्त, तस्कर गिरफ्तार

पीरपैंती/भागलपुर, 16 मई 2026। बिहार में मद्यनिषेध और उत्पाद कानून को धरातल पर पूरी कड़ाई से प्रभावी बनाने के सरकारी और प्रशासनिक संकल्पों के बीच भागलपुर जिले की पीरपैंती थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पीरपैंती पुलिस की विशेष टीम ने शनिवार को अवैध शराब के सिंडिकेट और इसकी अवैध बिक्री के खिलाफ एक सुनियोजित और सघन छापेमारी अभियान चलाया। इस विधिक कार्रवाई के दौरान पुलिस ने थाना क्षेत्र के एक ग्रामीण इलाके से भारी मात्रा में अवैध देशी और विदेशी शराब का जखीरा बरामद किया है, जिसकी कुल मात्रा 88.300 लीटर आंकी गई है। पुलिस ने मौके से मुख्य शराब कारोबारी को भी रंगे हाथ दबोचने में कामयाबी पाई है, जो पुलिसिया कार्रवाई की भनक लगते ही भागने की फिराक में था। इस अचानक हुई बड़ी विधिक कार्रवाई से पीरपैंती और उसके सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय शराब माफिया और अवैध धंधेबाजों के बीच पूरी तरह से हड़कंप मच गया है।

गोविंदपुर के जालीटोला मोहनपुर में गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल

​इस सफल और त्वरित कार्रवाई की पृष्ठभूमि का ब्योरा देते हुए पीरपैंती के थानाध्यक्ष पंकज कुमार राउत ने बताया कि पुलिस मुख्यालय को लगातार विभिन्न माध्यमों से अवैध शराब के भंडारण और उसकी गुप्त बिक्री की सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं। इसी कड़ी में शनिवार की सुबह पुलिस को एक बेहद सटीक और विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली। इस सूचना में स्पष्ट किया गया था कि थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गोविंदपुर स्थित जालीटोला मोहनपुर गांव में एक रिहायशी परिसर की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध शराब की खेप मंगवाई गई है और वहां से इसे स्थानीय स्तर पर चोरी-छिपे ऊंचे दामों में बेचने की विधिक रूप से प्रतिबंधित तैयारी चल रही है।

​सूचना की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए थानाध्यक्ष पंकज कुमार राउत ने बिना कोई समय गंवाए थाने के वरिष्ठ सब-इंस्पेक्टरों और सशस्त्र पुलिस बल के जवानों को शामिल करते हुए एक त्वरित छापेमारी दल (क्विक रिस्पांस टीम) का गठन किया। पुलिस टीम ने सबसे पहले सादे लिबास में जालीटोला मोहनपुर प्रक्षेत्र में जाकर सूचना की भौतिक पुष्टि की। जब तकनीकी और जमीनी इनपुट्स के जरिए यह पूरी तरह साफ हो गया कि सूचना सौ फीसदी सच है, तब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के विधिक विभावों के तहत पूरे गांव की रणनीतिक घेराबंदी (कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन) करने की योजना बनाई गई ताकि अपराधी को भागने का कोई मौका न मिल सके।

घर के पीछे केले के बागान में छिपाकर रखी गई थी देशी-विदेशी शराब की बड़ी खेप

​विधिक रणनीति के अनुसार, गठित पुलिस टीम ने जालीटोला मोहनपुर गांव के चिन्हित ठिकाने पर अचानक धावा बोल दिया। पुलिस बल सीधे गांव के निवासी हरिद्वार पासवान के पुत्र उपेंद्र कुमार पासवान के आवासीय परिसर में दाखिल हुआ। अचानक दरवाजे पर भारी संख्या में पुलिस बल को देखकर गृहस्वामी और वहां मौजूद लोग पूरी तरह से सकपका गए। पुलिस टीम ने सबसे पहले उपेंद्र कुमार पासवान को अपने विधिक संरक्षण में लिया और उसके बाद मजिस्ट्रेट की उपस्थिति के नियमों के तहत पूरे घर की सघन तलाशी लेनी शुरू की।

​शुरुआत में घर के कमरों, अनाज की कोठियों और रसोई घर की तलाशी के दौरान पुलिस को कोई आपत्तिजनक सामग्री हाथ नहीं लगी। इसके बाद पुलिस टीम ने अपने खोजी विभावों का दायरा बढ़ाते हुए मकान के ठीक पीछे स्थित निजी परिसर की जांच शुरू की। उपेंद्र कुमार पासवान के घर के ठीक पीछे एक विशाल केले का बागान स्थित था। केले के घने पत्तों और झाड़ियों की आड़ का फायदा उठाकर तस्करों ने वहां जमीन के भीतर और पौधों के बीच बड़े-बड़े थैलों और कट्टों को छिपा रखा था।

​जब पुलिस जवानों ने उन कट्टों को बाहर निकालकर खोला, तो उनके भीतर से भारी मात्रा में अवैध शराब की बोतलें और पाउच बरामद हुए। पुलिस द्वारा तैयार की गई विधिक जब्ती सूची (सीजर लिस्ट) के अनुसार, केले के बागान से कुल 70 लीटर अवैध देशी शराब बरामद की गई, जिसे स्थानीय स्तर पर खपाने के लिए तैयार किया गया था। इसके साथ ही, उसी स्थान से 18.300 लीटर अत्यधिक कीमती विदेशी शराब की कुल 61 व्यावसायिक बोतलें भी जब्त की गईं। दोनों श्रेणियों को मिलाकर पुलिस ने कुल 88.300 लीटर अवैध शराब के जखीरे को अपने विधिक नियंत्रण में ले लिया।

नया तस्कर उपेंद्र कुमार पासवान गिरफ्तार, सप्लाई चेन खंगालने में जुटी पुलिस

​केले के बागान से इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित तरल पदार्थ की बरामदगी के बाद पुलिस ने मौके से ही मुख्य आरोपी उपेंद्र कुमार पासवान को विधिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम उसे कड़े पहरे के बीच पीरपैंती थाने लेकर आई, जहां मद्यनिषेध अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत नियमित मामला दर्ज करने की विधिक प्रक्रिया शुरू की गई। थाने के बंद कमरे में जब अनुसंधान अधिकारियों ने गिरफ्तार आरोपी से विधिक कड़ाई के साथ पूछताछ की, तो उसने कई महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले राज उगले।

​प्रारंभिक पूछताछ और स्वीकारोक्ति बयान के दौरान आरोपी उपेंद्र कुमार पासवान ने स्वीकार किया कि वह पहले कोई और साधारण मजदूरी का काम करता था, लेकिन कम समय में अत्यधिक मुनाफा कमाने और रातोंरात अमीर बनने के लालच में वह पिछले कुछ दिनों से ही इस अवैध शराब के धंधे में सक्रिय हुआ था। उसने बताया कि वह पड़ोसी राज्यों की सीमाओं से आने वाली विदेशी शराब की खेप को सस्ते दामों में मंगवाता था और फिर उसे स्थानीय स्तर पर पीरपैंती के ग्रामीण इलाकों के पियक्कड़ों और छोटे एजेंटों को ऊंचे दामों में सप्लाई करता था। केले के बागान को उसने अपना मुख्य डंपिंग ग्राउंड बनाया था क्योंकि वहां आमतौर पर किसी बाहरी व्यक्ति या पुलिस की नजर नहीं जाती थी। पीरपैंती थाना पुलिस अब उपेंद्र कुमार पासवान के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) और उसके वित्तीय लेन-देन के विभावों को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध नेटवर्क के पीछे मुख्य मास्टरमाइंड कौन है और विदेशी शराब की यह 61 बोतलें किस रास्ते से भागलपुर की सीमा के भीतर प्रवेश कराई गई थीं।

छापेमारी दल की मुस्तैदी की स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने की सराहना

​पीरपैंती पुलिस द्वारा दिन के उजाले में की गई इस त्वरित और बड़ी कार्रवाई की गोविंदपुर और पूरे जालीटोला मोहनपुर क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों व प्रबुद्ध नागरिकों ने कड़े शब्दों में सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में इस तरह के अवैध धंधों के कारण न केवल युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है, बल्कि गांवों की शांति और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था भी खतरे में पड़ जाती है। पुलिस की इस मुस्तैदी से ग्रामीण महिलाओं ने विशेष रूप से राहत की सांस ली है।

​इस पूरी सफल विधिक छापेमारी को अंजाम देने वाले दल में पीरपैंती के थानाध्यक्ष पंकज कुमार राउत के साथ-साथ सब-इंस्पेक्टर अमरजीत कुमार सिंह, सब-इंस्पेक्टर विमलेश सिंह यादव और पुलिस एएसआई ब्रिज किशोर मुख्य रूप से शामिल थे। इनके साथ ही जिला सशस्त्र पुलिस बल के कई जांबाज जवान भी इस ऑपरेशन का हिस्सा थे, जिन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के घने बागान के भीतर घुसकर इस पूरे जखीरे को ढूंढ निकाला। भागलपुर पुलिस मुख्यालय ने पीरपैंती पुलिस टीम की इस विधिक सजगता की समीक्षा की है और निर्देश दिया है कि क्षेत्र के अन्य सभी संदेहास्पद ठिकानों और दियारा के रास्तों पर भी इसी तरह का औचक निरीक्षण और सर्विलांस जारी रखा जाए ताकि शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा न जा सके। गिरफ्तार उपेंद्र कुमार पासवान को स्थानीय अस्पताल में विधिक चिकित्सीय परीक्षण कराने के उपरांत भागलपुर न्यायिक कोर्ट में पेश करने की तैयारी की जा रही है।

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