
नवादा। बिहार के नवादा जिले में अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एएसआई पर हुए जानलेवा हमले के बाद पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। नारदीगंज थाना के थानाध्यक्ष आदित्य कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर अवैध बालू खनन रोकने में विफल रहने, मुख्यालय के निर्देशों की अनदेखी करने और आसूचना संकलन में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं।
यह कार्रवाई नवादा के पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने की है। पुलिस मुख्यालय स्तर पर इस मामले को काफी गंभीरता से लिया गया है। साथ ही थानाध्यक्ष की अवैध बालू खनन में संभावित संलिप्तता की भी जांच शुरू कर दी गई है। इस पूरे मामले की विस्तृत जांच का जिम्मा नवादा सदर एसडीपीओ-02 को सौंपा गया है।
एसपी कार्यालय से जारी निर्देश के अनुसार जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे और कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है। फिलहाल नारदीगंज थाना का प्रभार अपर थानाध्यक्ष एसआई अभिषेक कुमार को सौंप दिया गया है।
दरअसल यह पूरा मामला नारदीगंज थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन के खिलाफ चल रही कार्रवाई से जुड़ा हुआ है। पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि इलाके में बालू माफिया सक्रिय हैं और प्रशासनिक सख्ती के बावजूद अवैध खनन का कारोबार जारी है। इसी क्रम में एएसआई नागेंद्र कुमार को सूचना मिली कि मधुवन इलाके में अवैध बालू ढोने वाले ट्रैक्टर सक्रिय हैं।
जानकारी के अनुसार बुधवार की शाम एएसआई नागेंद्र कुमार पुलिस टीम के साथ मधुवन क्षेत्र की ओर निकले थे। इसी दौरान कैशौरिया-पथरा मार्ग के पास कुछ ट्रैक्टरों को रोककर जांच करने की कोशिश की गई। आरोप है कि जांच से बचने के लिए बालू माफियाओं से जुड़े एक ट्रैक्टर चालक ने एएसआई पर ही ट्रैक्टर चढ़ा दिया।
इस हमले में एएसआई नागेंद्र कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिसकर्मियों ने घायल अधिकारी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। बाद में उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस अधिकारी पर हुए इस हमले के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया।
बताया जा रहा है कि मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार शाम नवादा का दौरा किया। उन्होंने नवादा एसपी अभिनव धीमान के साथ नारदीगंज थाना और घटनास्थल का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने थाने में लंबी बैठक कर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की और अवैध बालू खनन की गतिविधियों को लेकर विस्तृत जानकारी ली।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि इलाके में लंबे समय से अवैध बालू खनन की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। इसी वजह से थानाध्यक्ष की भूमिका पर सवाल उठे हैं।
एसपी अभिनव धीमान ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि अवैध खनन और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है।
घटना के बाद नारदीगंज थाना में 14 मई को कांड संख्या 158/26 दर्ज किया गया। इस मामले में कुल 59 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुवार को 28 आरोपितों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों में 19 महिलाएं और 9 पुरुष शामिल हैं।
शुक्रवार को इनमें से 27 आरोपितों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, जबकि एक आरोपी की तबीयत खराब होने के कारण उसका इलाज कराया जा रहा है। पुलिस बाकी फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध बालू खनन से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और किस स्तर पर संरक्षण मिल रहा था।
बिहार में अवैध बालू खनन लंबे समय से प्रशासन और सरकार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। कई जिलों में बालू माफियाओं द्वारा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर हमले की घटनाएं सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध खनन के पीछे बड़ा आर्थिक नेटवर्क सक्रिय रहता है, जिसके कारण अपराधी प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करने से भी नहीं हिचकते।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार से अवैध खनन पर सख्त नियंत्रण की मांग की है। वहीं प्रशासन का कहना है कि अवैध खनन और उससे जुड़े अपराधियों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से रात के समय अवैध बालू ढुलाई जारी थी। कई बार शिकायतें भी की गईं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण माफियाओं का मनोबल बढ़ता गया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी होगी और अवैध बालू खनन में शामिल नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं घायल एएसआई नागेंद्र कुमार की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।


