
बिहार सरकार अब 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को उनके घर तक खाद्यान्न पहुंचाने की तैयारी कर रही है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने मंगलवार को विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने का निर्देश दिया।
घर-घर पहुंचेगा राशन
सरकार का उद्देश्य ऐसे बुजुर्गों को राहत देना है, जिन्हें उम्र या शारीरिक परेशानी के कारण जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकानों तक पहुंचने में कठिनाई होती है। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि योजना का प्रस्ताव जल्द तैयार किया जाए ताकि जरूरतमंद बुजुर्गों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाया जा सके।
राशन कार्ड और वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
बैठक में डॉ. अशोक चौधरी ने नए राशन कार्ड बनाने और खाद्यान्न वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लाभुकों को बिना परेशानी के सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने पीडीएस दुकानों में खाली पड़े पदों को तय समय सीमा के भीतर भरने को भी कहा।
लापरवाही करने वाले ट्रांसपोर्टरों पर कार्रवाई
मंत्री ने खाद्यान्न आपूर्ति में लापरवाही बरतने वाले ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राशन वितरण में किसी भी तरह की देरी या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खरीद प्रक्रिया और भंडारण क्षमता की भी समीक्षा
बैठक में गेहूं और दलहन अधिप्राप्ति कार्य की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने सहकारिता विभाग के साथ समन्वय बनाकर खरीद प्रक्रिया तेज करने को कहा। इसके अलावा राज्य में भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए PPP मॉडल पर नए गोदाम बनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
बैठक में मौजूद रहे कई अधिकारी
समीक्षा बैठक में विभागीय सचिव अभय कुमार सिंह, विशेष सचिव उपेन्द्र कुमार, निदेशक विभूति रंजन चौधरी और बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक सुनील कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


