शराब की बोतल मिलने के सवाल पर भड़के डिप्टी सीएम विजय चौधरी, बोले- “इसे शराबबंदी कानून क्यों कहते हैं?”

बिहार में शराब को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक बहस तेज हो गई है। सत्ता के गलियारों में कथित तौर पर शराब की खाली बोतल मिलने के बाद सरकार से सवाल पूछे गए तो उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी पत्रकारों पर ही नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि लोग कानून का सही नाम जाने बिना उसे “शराबबंदी कानून” कहते हैं, जबकि इसका वास्तविक नाम “मद्य निषेध एवं उत्पाद शुल्क अधिनियम” है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकार से हुई तीखी बहस

मंगलवार को जेडीयू प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों ने सवाल किया कि जब सचिवालय जैसे स्थानों पर भी शराब की बोतलें मिल रही हैं, तो इसे सफल शराबबंदी कैसे माना जाए?

यह सवाल सुनते ही विजय चौधरी नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि “आप लोग शराबबंदी कानून क्यों कहते हैं? क्या आपने कानून पढ़ा है? इसका नाम मद्य निषेध एवं उत्पाद शुल्क अधिनियम है।”

“हत्या पर कानून है तो क्या उसे हत्याबंदी कहते हैं?”

विजय चौधरी ने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह हत्या करना अपराध है, लेकिन उसके लिए बने कानून को “हत्याबंदी कानून” नहीं कहा जाता, उसी तरह शराब से जुड़े अपराधों पर बने कानून को भी “शराबबंदी कानून” कहना गलत है।

उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत शराब पीना, बेचना, भंडारण करना और व्यापार करना दंडनीय अपराध है। जो भी इन गतिविधियों में पकड़े जाते हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है।

सरकार ने कानून को बताया सफल

उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि बिहार में बड़ी संख्या में लोगों को शराब पीने और कारोबार के मामलों में सजा हुई है, जो इस कानून की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अदालतों के रिकॉर्ड देखकर यह समझा जा सकता है कि कानून कितनी सक्रियता से लागू किया जा रहा है।

विपक्ष लगातार उठा रहा सवाल

हाल के दिनों में राज्य में कई जगहों पर शराब बरामद होने और जहरीली शराब से मौतों की घटनाओं के बाद विपक्ष लगातार बिहार सरकार की शराब नीति पर सवाल उठा रहा है। अब सचिवालय परिसर में कथित तौर पर शराब की बोतल मिलने की खबर के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।

वहीं सरकार का कहना है कि कानून लागू है और इसके उल्लंघन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।

  • ये भी पढ़े..

    भागलपुर में घर में घुसकर किशोरी पर जानलेवा हमला, नकाबपोश ने गला दबाया, चाकू से किया वार; गांव में दहशत

    Share Add as a preferred…

    सीवान में नकली नोट छापने वाले संगठित गिरोह का खुलासा, 5.45 लाख के जाली नोट, मशीन और कई उपकरण जब्त

    Share Add as a preferred…