
भागलपुर। भागलपुर की जीवनरेखा कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर हुए बड़े हादसे के बाद अब जिला प्रशासन ने यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए कमर कस ली है। सेतु के Zone-A के P3 – P4 (पिलर संख्या 133 के समीप) के बीच ‘सस्पेंडेड स्पैन’ के गंगा नदी में गिर जाने के कारण पुल पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। इस आपातकालीन स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ने भागलपुर से नवगछिया और उत्तर बिहार की ओर जाने वाले सभी प्रकार के वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग (रूट डायवर्जन) का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। अब यात्रियों और मालवाहक वाहनों को अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए सुल्तानगंज और मुंगेर के रास्ते लंबा चक्कर लगाना होगा। प्रशासन ने यह कदम सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए उठाया है, ताकि पुल की मरम्मत के दौरान सड़कों पर अराजकता न फैले।
जारी किया गया नया रूट चार्ट: इन रास्तों का करें इस्तेमाल
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भागलपुर से नवगछिया जाने वाले सभी छोटे और बड़े वाहनों को अब मुंगेर स्थित ‘श्रीकृष्ण सेतु’ का सहारा लेना होगा। प्रशासन ने दो प्रमुख वैकल्पिक मार्गों का विवरण साझा किया है:
- पहला मार्ग: भागलपुर शहर से होते हुए दोगच्छी – सुल्तानगंज – मुंगेर – खगड़िया और फिर वहां से नवगछिया।
- दूसरा मार्ग (बायपास): भागलपुर के ‘4-लेन बायपास (NHAI पथ)’ से होकर सुल्तानगंज – बरियारपुर – मुंगेर – खगड़िया और फिर नवगछिया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विक्रमशिला सेतु की ओर जाने वाले सभी रास्तों को फिलहाल सील कर दिया गया है। जो वाहन पूर्णिया, कटिहार या किशनगंज की ओर जाना चाहते हैं, उन्हें भी इन्हीं वैकल्पिक मार्गों का अनुसरण करना होगा। मुंगेर के रास्ते जाने से यात्रा की दूरी और समय में काफी बढ़ोतरी होगी, इसलिए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें।
जिलाधिकारी का सख्त निर्देश: ट्रैफिक डायवर्जन का कड़ाई से हो पालन
जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ने ट्रैफिक पुलिस और संबंधित थानों को निर्देश दिया है कि डायवर्जन पॉइंट्स पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। जीरो माइल, घोघा और भागलपुर स्टेशन के पास विशेष चौकसी बरती जा रही है ताकि कोई भी भारी वाहन अनजाने में पुल की ओर न बढ़े। जिलाधिकारी ने कहा कि पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण सुरक्षा सर्वोपरि है और जब तक विशेषज्ञों की टीम फिटनैस रिपोर्ट नहीं दे देती, तब तक डायवर्जन लागू रहेगा।
मुंगेर से भागलपुर पथ पर अचानक वाहनों का दबाव बढ़ने की संभावना है। इसके लिए मुंगेर प्रशासन के साथ भी तालमेल बिठाया गया है ताकि मुंगेर पुल पर जाम की स्थिति न बने। विशेष रूप से एम्बुलेंस और आवश्यक सेवाओं वाले वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर रास्ता देने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और वैकल्पिक रास्तों के उपयोग में पुलिस का सहयोग करें।
बचाव कार्य और मरम्मत की तैयारी
पुल के ‘सस्पेंडेड स्पैन’ के गिरने वाली जगह पर एसडीआरएफ (SDRF) की टीम मुस्तैद है। विशेषज्ञों की टीम पिलर संख्या 133 के आसपास की स्थिरता की जांच कर रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, बहुत जल्द पैदल यात्रियों के लिए मुफ्त स्टीमर सेवा भी शुरू की जाएगी, ताकि छोटे काम के लिए जाने वाले लोगों को मुंगेर का लंबा चक्कर न लगाना पड़े। फिलहाल, भागलपुर से नवगछिया का सीधा संपर्क पूरी तरह कट चुका है और शहर की निगाहें अब युद्ध स्तर पर होने वाली मरम्मत की कार्यवाही पर टिकी हैं।


