
भागलपुर: विक्रमशिला सेतु के पिलर संख्या 133 के पास स्लैब टूटने की घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। इस बीच राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और नाथनगर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी शेख जियाउल हसन ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और बिहार सरकार व जिला प्रशासन से कई अहम मांगें रखीं।
उन्होंने कहा कि यह पुल केवल एक संरचना नहीं, बल्कि कोशी-सीमांचल और भागलपुर के बीच जीवनरेखा है। इसके क्षतिग्रस्त होने से लाखों लोगों का आवागमन, रोजगार, इलाज और शिक्षा प्रभावित हो गया है।
मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
शेख जियाउल हसन ने घटनास्थल पर पहुंचकर पुल की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों से पूरी जानकारी ली और तकनीकी पहलुओं को समझने का प्रयास किया।
निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि स्थिति गंभीर है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले की जानकारी वे नेता प्रतिपक्ष को भी देंगे, ताकि इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाया जा सके।
जल्द मरम्मत की मांग
राजद नेता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुल की मरम्मत कार्य में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि विशेषज्ञों की टीम बनाकर तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
उनका कहना था कि यह पुल हजारों लोगों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी बहाली प्राथमिकता के आधार पर की जानी चाहिए।
नाव सेवा को मजबूत करने की मांग
पुल बंद होने के कारण लोग गंगा पार करने के लिए नाव का सहारा लेने को मजबूर हैं। इस पर चिंता जताते हुए शेख जियाउल हसन ने कहा कि सरकार को मजबूत और बड़े सरकारी नावों की व्यवस्था करनी चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि नावों की संख्या बढ़ाई जाए और उन्हें सुरक्षित तरीके से संचालित किया जाए, ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी या खतरे का सामना न करना पड़े।
SDRF की 24 घंटे तैनाती जरूरी
सुरक्षा के मद्देनजर उन्होंने राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम को गंगा के दोनों किनारों पर 24 घंटे तैनात करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में नदी पार करना जोखिम भरा है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए SDRF की मौजूदगी बेहद जरूरी है।
यह कदम लोगों में विश्वास पैदा करेगा और आपात स्थिति में त्वरित राहत उपलब्ध कराई जा सकेगी।
घाटों पर पुलिस बल की तैनाती
शेख जियाउल हसन ने जिला प्रशासन से यह भी मांग की कि गंगा घाटों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाए।
उन्होंने कहा कि भीड़ को नियंत्रित करना और नावों पर क्षमता के अनुसार ही यात्रियों को बैठाना बेहद जरूरी है।
यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है।
रोशनी और मेडिकल सुविधा की व्यवस्था
उन्होंने घाटों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने की भी मांग की, ताकि रात के समय यात्रियों को कोई दिक्कत न हो।
इसके साथ ही, उन्होंने मेडिकल टीम की 24 घंटे तैनाती की जरूरत पर भी जोर दिया।
उनका कहना था कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए, जिससे जान-माल की हानि को रोका जा सके।
छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था की मांग
पुल बंद होने का असर छात्रों पर भी पड़ रहा है। इस पर चिंता जताते हुए राजद नेता ने कहा कि गंगा पार से आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि छात्रों के लिए अलग से नाव या परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
कोशी-सीमांचल के लोगों की बढ़ी परेशानी
शेख जियाउल हसन ने कहा कि कोशी और सीमांचल इलाके के लोग बड़ी संख्या में भागलपुर इलाज, रोजगार और जरूरी सामान के लिए आते हैं।
पुल बंद होने से उनकी जिंदगी पर सीधा असर पड़ा है। ऐसे में सरकार को उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करना चाहिए।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपील
उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की कि स्थिति की गंभीरता को समझते हुए त्वरित और ठोस कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद उत्पन्न स्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बुनियादी ढांचे की मजबूती कितनी जरूरी है।
राजद नेता शेख जियाउल हसन की मांगें न केवल राजनीतिक बयान हैं, बल्कि आम जनता की समस्याओं को सामने लाने का प्रयास भी हैं।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और प्रशासन इन मांगों पर कितना जल्दी और प्रभावी कदम उठाते हैं।
फिलहाल, लाखों लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कब यह पुल फिर से चालू होगा और उनकी जिंदगी सामान्य हो पाएगी।


