
पटना/जमुई। बिहार की राजनीति के एक युग का अंत हो गया है। जमुई जिले के सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र का लंबे समय तक प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व मंत्री रामेश्वर पासवान का निधन हो गया है। बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को उनके निधन की खबर मिलते ही जिले के साथ-साथ पूरे प्रदेश के राजनैतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मंत्री के निधन पर गहरी शोक-संवेदना व्यक्त करते हुए इसे राज्य के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। सरकार ने निर्णय लिया है कि स्व. रामेश्वर पासवान का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान (State Honors) के साथ किया जाएगा। वे न केवल एक कुशल राजनेता थे, बल्कि अपने मृदुभाषी और सरल स्वभाव के कारण जनता के बीच काफी लोकप्रिय थे।
मुख्यमंत्री का शोक संदेश: “राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति”
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति (संख्या-cm-289) के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने शोक संदेश में दिवंगत नेता के व्यक्तित्व और कार्यों को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा:
“स्व. रामेश्वर पासवान जी एक कुशल राजनेता एवं समाजसेवी थे। उन्होंने जमुई जिला के सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था और वे जनता के बीच काफी लोकप्रिय थे। वे मृदुभाषी एवं सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। उनके निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है।”
मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शांति तथा उनके परिजनों को दुख की इस कठिन घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।
सिकंदरा का वह चेहरा, जिसकी पहचान सादगी थी
रामेश्वर पासवान जमुई की राजनीति के उन गिने-चुने नेताओं में से थे जिनकी सादगी की मिसाल विरोधी भी देते थे। उन्होंने सिकंदरा विधानसभा का कई बार प्रतिनिधित्व किया और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंत्री पद पर रहते हुए भी उन्होंने अपनी जड़ों से जुड़ाव कभी नहीं छोड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, वे एक ऐसे नेता थे जिनका दरवाजा हर गरीब और जरूरतमंद के लिए हमेशा खुला रहता था। उनकी लोकप्रियता का ही परिणाम था कि वे दशकों तक सिकंदरा की राजनीति के धुरी बने रहे।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
पूर्व मंत्री के कद और समाज के प्रति उनके योगदान को देखते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ संपन्न होगा। इसका अर्थ है कि विदाई के समय पुलिस के जवान उन्हें सलामी देंगे और प्रशासन के वरीय अधिकारी श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुँचेंगे। जमुई जिला प्रशासन ने अंतिम संस्कार की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।


