
सीवान: बिहार के ओसामा शहाब को स्थानीय अदालत से बड़ा झटका लगा है। जमीन विवाद से जुड़े एक मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
कोर्ट में क्या हुई सुनवाई

मामले की सुनवाई प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोतिश कुमार सिंह की अदालत में हुई।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता नवेंदु शेखर दीपक ने दलील दी कि उनके मुवक्किल को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है और उनका इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने गिरफ्तारी से पहले राहत देने की मांग की।
वहीं, अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक प्रमील कुमार (उर्फ गोप बाबू) ने इसका विरोध करते हुए कहा कि मामला गंभीर है और इसमें कई लोगों की संलिप्तता सामने आई है। ऐसे में अग्रिम जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने याचिका नामंजूर कर दी।
क्या है पूरा मामला
इस मामले की शुरुआत 15 अप्रैल को हुई थी, जब सीवान नगर के महादेवा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
एफआईआर में ओसामा शहाब समेत चार लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि 30–35 अज्ञात लोगों को भी इसमें शामिल बताया गया है।
यह शिकायत गोपालगंज जिले के मांझागढ़ थाना क्षेत्र के कमनपुरा निवासी डॉ. विनय कुमार और उनकी पत्नी डॉ. सुधा सिंह द्वारा दर्ज कराई गई थी। वर्तमान में दंपती गोरखपुर के खोराबार इलाके में रह रहा है।
कौन हैं ओसामा शहाब
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32 वर्षीय ओसामा शहाब, बिहार के चर्चित पूर्व बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे हैं।
उन्होंने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के टिकट पर सीवान के रघुनाथपुर सीट से जीत दर्ज की थी।


