
पटना, 29 अप्रैल 2026। बिहार सरकार ने राजधानी पटना में विधायकों के लिए सरकारी आवास आवंटन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 12 विधायकों को सरकारी क्वार्टर आवंटित कर दिए हैं। इस संबंध में भवन निर्माण विभाग द्वारा आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है।
यह कदम न केवल विधायकों की आवासीय सुविधा को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि राजधानी में आवासीय प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में भी एक अहम पहल माना जा रहा है।
वीआईपी लोकेशन पर मिला आवास
इस आवंटन की खास बात यह है कि कई विधायकों को राजधानी के प्रमुख और वीआईपी क्षेत्रों में आवास दिए गए हैं।
दरभंगा से विधायक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को बंदर बगीचा क्षेत्र में आवास मिला है, जो राजधानी का एक महत्वपूर्ण इलाका माना जाता है। वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी को 2एम, स्ट्रैंड रोड स्थित आवास आवंटित किया गया है।
वरिष्ठ नेताओं को भी मिला आवास
पूर्व उपमुख्यमंत्री और कटिहार से विधायक तारकिशोर प्रसाद को गर्दनीबाग स्थित मंत्री आवास परिसर में स्थान दिया गया है। यह क्षेत्र मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए आरक्षित प्रमुख सरकारी आवासीय इलाकों में गिना जाता है।
इसके अलावा बिहारशरीफ के विधायक डॉ. सुनील कुमार को भी गर्दनीबाग मंत्री आवास परिसर में क्वार्टर दिया गया है।
अलग-अलग क्षेत्रों में आवंटन
सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में स्थित सरकारी आवासों का आवंटन किया है, ताकि विधायकों को उनके कार्यों के अनुरूप सुविधाजनक स्थान मिल सके।
बनमनखी के विधायक कृष्ण कुमार ऋषि को हार्डिंग रोड पर आवास दिया गया है, जबकि बांका के विधायक राम नारायण मंडल को ऑफ पोलो रोड क्षेत्र में स्थान मिला है।
बड़हरा के विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह को वीरचंद पटेल पथ पर आवास आवंटित किया गया है, जो प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है।
अन्य विधायकों को भी मिला आवास
हरनौत के विधायक हरि नारायण सिंह को नेहरू पथ पर आवास दिया गया है। वहीं झाझा के विधायक दामोदर रावत को हार्डिंग रोड स्थित 18 नंबर आवास आवंटित हुआ है।
फुलवारी के विधायक श्याम रजक को 28 हार्डिंग रोड, झंझारपुर के विधायक नीतीश मिश्रा को नौ मैंगल्स रोड, अमरपुर के विधायक जयंत राज को पांच पोलो रोड और फुलपरास की विधायक शीला कुमारी को 23एम, स्ट्रैंड रोड स्थित आवास दिया गया है।
इसके अलावा फतुहा के विधायक डॉ. रामानंद यादव को तीन हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया है।
आवासीय व्यवस्था को मिल रहा नया स्वरूप
सरकार द्वारा किए गए इस आवंटन से राजधानी पटना में विधायकों की आवासीय व्यवस्था को नया स्वरूप मिल रहा है।
यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि जनप्रतिनिधियों को उनके कार्यों के निर्वहन के लिए उचित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध हो सके।
प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि विधायकों को राजधानी में उचित आवास उपलब्ध कराना प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
इससे वे अपने क्षेत्र और राज्य से जुड़े मुद्दों पर बेहतर तरीके से काम कर सकते हैं और सरकारी बैठकों एवं कार्यक्रमों में समय पर भाग ले सकते हैं।
पारदर्शिता और सुव्यवस्था पर जोर
भवन निर्माण विभाग द्वारा जारी आदेश से यह भी स्पष्ट होता है कि सरकार आवास आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने पर ध्यान दे रही है।
सभी आवंटन स्पष्ट नियमों और प्राथमिकताओं के आधार पर किए गए हैं, जिससे किसी प्रकार के विवाद या असंतोष की स्थिति न बने।
भविष्य में और आवंटन संभव
सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में अन्य विधायकों को भी आवास आवंटित किए जा सकते हैं, ताकि सभी जनप्रतिनिधियों को राजधानी में स्थायी व्यवस्था मिल सके।
पटना में 12 विधायकों को सरकारी आवास आवंटित करने का यह फैसला राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल है।
वीआईपी लोकेशन पर आवास मिलने से न केवल विधायकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि उनके कार्य निष्पादन में भी आसानी होगी।
यह कदम राजधानी में आवासीय व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।


