
पटना/भागलपुर। भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद में कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्ण भूषण कुमार की सरेआम हत्या और सभापति पर हुए कातिलाना हमले ने बिहार की सियासत में ‘आरोप-प्रत्यारोप’ का भीषण तूफान खड़ा कर दिया है। जहाँ एक ओर पुलिस ने मुख्य आरोपी रामधनी यादव को एनकाउंटर में ढेर कर अपनी पीठ थपथपाई है, वहीं मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इस मामले को लेकर सरकार की घेराबंदी तेज कर दी है। बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर रामधनी यादव की भाजपा और एनडीए के दिग्गज नेताओं के साथ तस्वीरें साझा कर सीधा हमला बोला है। तेजस्वी ने रामधनी को “भाजपा संरक्षित गुंडा” और “एनडीए नेता” करार देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘सुशासन’ और भाजपा के ‘जंगलराज’ वाले नैरेटिव पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
तस्वीरों के जरिए प्रहार: नितिन नवीन और चिराग पासवान के साथ आरोपी
तेजस्वी यादव द्वारा साझा की गई तस्वीरों ने राजनैतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इन तस्वीरों में मृतक अपराधी रामधनी यादव एनडीए के दो बड़े चेहरों के साथ नजर आ रहा है:
- नितिन नवीन के साथ: एक तस्वीर में रामधनी यादव भाजपा के कद्दावर नेता और मंत्री नितिन नवीन को गुलदस्ता भेंट करते हुए दिख रहा है। तेजस्वी ने दावा किया कि रामधनी, नितिन नवीन का बेहद करीबी था。
- चिराग पासवान के साथ: दूसरी तस्वीर में रामधनी यादव केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान के साथ खड़ा है。
तेजस्वी ने इन फोटो के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि ईओ की हत्या करने वाला कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के शीर्ष नेताओं के संरक्षण में फल-फूल रहा एक रसूखदार राजनेता था। उन्होंने तंज कसते हुए रामधनी को “सुशासनी अपराधी” बताया है।
“मारब सिक्सर…” गाने पर तंज: तेजस्वी का सीधा हमला
तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पुराने चुनावी भाषण और उसमें किए गए गाने के संदर्भ का उल्लेख कर सरकार को घेरा है। उन्होंने लिखा:
“भागलपुर में सरकारी अधिकारी की दिनदहाड़े हत्या करने वाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गाने ‘मारब सिक्सर की 6 गोली छाती में’ से प्रेरित सुशासनी अपराधी, बीजेपी संरक्षित गुंडा व एनडीए नेता रामधनी यादव है।”
विपक्ष का आरोप है कि इस तरह की भाषा और राजनैतिक संरक्षण ने अपराधियों के हौसले बुलंद किए हैं, जिससे वे अब सरकारी दफ्तरों के भीतर घुसकर अधिकारियों का खून बहाने से भी नहीं कतरा रहे हैं।
‘जंगलराज’ बनाम ‘सुशासन’ की नई जंग
तेजस्वी यादव ने एनडीए नेताओं द्वारा अक्सर अलापे जाने वाले “जंगलराज” के राग पर भी करारा प्रहार किया है। उन्होंने सवाल किया कि जो नेता हर बात पर विपक्षी दलों को जंगलराज का डर दिखाते हैं, वे अब अपने ही दल के उन नेताओं के बारे में क्या कहेंगे जो हत्यारों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं? तेजस्वी का कहना है कि जब हत्यारा स्वयं सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा हो, तो राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

राजनैतिक रसूख की ढाल और प्रशासनिक दबाव
रामधनी यादव की इन तस्वीरों ने उस कड़वे सच को उजागर किया है कि कैसे अपराधी राजनीति की सीढ़ियां चढ़कर अपनी ‘क्रिमिनल हिस्ट्री’ को ढकने की कोशिश करते हैं।
- वर्चस्व की लड़ाई: सुल्तानगंज में रामधनी का आतंक और उसकी पत्नी नीलम देवी का डिप्टी चेयरमैन होना, यह दर्शाता है कि उसने व्यवस्था के भीतर अपनी जड़ें कितनी गहरी जमा ली थीं।
- सत्ता का संरक्षण: तेजस्वी के आरोपों के बाद अब सत्ता पक्ष के लिए यह जवाब देना मुश्किल हो रहा है कि एक ‘सिर काटने वाला’ कुख्यात अपराधी उनके मंचों और तस्वीरों तक कैसे पहुँचा?


