नाथनगर में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप, पैसे मांगने पर स्कूल में हंगामा

भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी और बदसलूकी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर सनसनी फैला दी है। आरोप है कि एक युवती से नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी की गई और जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। यह पूरा मामला उस समय और अधिक चर्चा में आ गया जब युवती पैसे की मांग को लेकर सीधे स्कूल पहुंच गई और वहां हाईवोल्टेज हंगामा शुरू हो गया।

मामला नाथनगर स्थित मनसकामना मंदिर के पास एक माध्यमिक विद्यालय से जुड़ा है, जहां आरोपी शिक्षक के रूप में कार्यरत राघवेन्द्र पासवान पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़िता के अनुसार, करीब छह साल पहले आरोपी ने उसे नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था और इस प्रक्रिया के नाम पर उससे लगभग पांच लाख रुपये ले लिए थे। लंबे समय तक इंतजार करने के बावजूद न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस किए गए।

पीड़िता का कहना है कि वह कई बार आरोपी से अपने पैसे लौटाने की मांग कर चुकी है, लेकिन हर बार उसे टाल दिया गया। हाल ही में जब उसकी शादी तय हुई और उसे पैसों की जरूरत पड़ी, तो उसने फिर से पैसे वापस मांगने का निर्णय लिया। इसी सिलसिले में वह आरोपी शिक्षक से मिलने स्कूल पहुंची, जहां मामला अचानक बिगड़ गया।

युवती का आरोप है कि पैसे मांगने पर आरोपी शिक्षक ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उसे डंडे से मारने के लिए दौड़ाया भी। इसके अलावा, सार्वजनिक स्थान पर उसके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया, जिससे वह मानसिक रूप से काफी आहत हुई। इस दौरान स्कूल परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और वहां मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई।

स्थिति को बिगड़ता देख पीड़िता ने तुरंत डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया और फिलहाल पीड़िता को शांत कर घर भेज दिया गया। हालांकि, इस घटना के बाद भी मामले को लेकर कई सवाल बने हुए हैं।

पीड़िता ने भावुक होकर बताया कि उसकी शादी जल्द होने वाली है और उसे पैसों की सख्त जरूरत है। उसका कहना है कि यदि समय पर पैसे वापस नहीं मिले तो उसकी शादी टूट सकती है। उसने यह भी कहा कि अगर उसकी शादी टूट जाती है, तो वह गंभीर कदम उठाने को मजबूर हो सकती है। यह बयान मामले की गंभीरता को और बढ़ाता है और प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है।

स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि आरोपी शिक्षक लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल है। आरोप है कि वह बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर उनसे पैसे वसूलता है और बाद में उन्हें टालता रहता है। विरोध करने पर कथित तौर पर असामाजिक तत्वों के माध्यम से दबाव बनाने और धमकाने की भी बात सामने आई है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले से भी ठगी का एक मामला भागलपुर सिविल कोर्ट में लंबित है। इससे यह संकेत मिलता है कि यह कोई पहला मामला नहीं है और इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि पहले से शिकायतें मौजूद थीं, तो समय रहते सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

यह घटना न केवल एक व्यक्ति के साथ हुई ठगी का मामला है, बल्कि यह बेरोजगार युवाओं के शोषण और उनके साथ होने वाली धोखाधड़ी की एक बड़ी समस्या को भी उजागर करती है। नौकरी की तलाश में लोग अक्सर ऐसे झांसे में आ जाते हैं, जहां उनसे मोटी रकम लेकर उन्हें फर्जी आश्वासन दिया जाता है।

प्रशासन के लिए यह जरूरी हो गया है कि वह इस मामले की गंभीरता से जांच करे और सच्चाई सामने लाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। साथ ही, ऐसे मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए त्वरित कदम उठाना भी आवश्यक है।

फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के बाद क्या निष्कर्ष सामने आता है और पीड़िता को न्याय मिल पाता है या नहीं। इस घटना ने नाथनगर क्षेत्र में लोगों के बीच आक्रोश और चिंता दोनों को बढ़ा दिया है, और अब सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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