
तेहरान/नई दिल्ली। 08 अप्रैल 2026:पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में जारी भीषण तनाव के बीच एक बड़ी कूटनीतिक राहत की खबर सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों के युद्धविराम (Ceasefire) पर सहमति बन गई है। इस संघर्ष विराम के तुरंत बाद, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने अपनी पिछली ‘शेल्टर-इन-प्लेस’ (जहाँ हैं वहीं रहें) वाली सलाह को बदलते हुए एक नई और सख्त एडवाइजरी जारी की है। भारत सरकार ने अब ईरान में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को ‘त्वरित निकास’ (Expeditious Exit) यानी जल्द से जल्द ईरान छोड़ने की सलाह दी है। दूतावास ने स्पष्ट किया है कि भले ही अभी गोलाबारी थमी है, लेकिन जमीनी हालात अभी भी अनिश्चित और संवेदनशील बने हुए हैं।
नई एडवाइजरी: “जल्द से जल्द देश छोड़ें भारतीय”
बुधवार, 8 अप्रैल 2026 को जारी ताजा दिशा-निर्देशों में भारतीय दूतावास ने कहा है:
- त्वरित निकास: 7 अप्रैल की एडवाइजरी के क्रम में अब सभी भारतीयों को दृढ़तापूर्वक सलाह दी जाती है कि वे तेज़ी से ईरान से बाहर निकलें।
- दूतावास से समन्वय: नागरिकों से कहा गया है कि वे अपने निकास (Exit) की योजना खुद न बनाएं, बल्कि दूतावास के साथ तालमेल बिठाकर ही आगे बढ़ें।
- सुझाए गए मार्ग: दूतावास द्वारा बताए गए सुरक्षित रास्तों और माध्यमों का ही उपयोग करें।
- बॉर्डर पर न जाएं: दूतावास ने चेतावनी दी है कि बिना पूर्व अनुमति और तालमेल के किसी भी अंतरराष्ट्रीय भूमि सीमा (International Land Border) की ओर बढ़ने का प्रयास न करें। यह सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक हो सकता है।
सीजफायर का संदर्भ: पाकिस्तान की मध्यस्थता और ट्रंप का रुख
यह युद्धविराम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई ‘अंतिम चेतावनी’ (Deadline) खत्म होने में मात्र दो घंटे शेष थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख की मध्यस्थता के बाद अमेरिका और ईरान दो सप्ताह के युद्धविराम पर राजी हुए हैं।
- शर्तें: समझौते के तहत ईरान ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को व्यापारिक जहाजों के लिए खोलेगा, वहीं अमेरिका अगले 14 दिनों तक कोई नया हमला नहीं करेगा।
- राजनयिक अवसर: इस 14 दिनों की शांति का उद्देश्य कूटनीति को मौका देना है ताकि युद्ध को स्थायी रूप से टाला जा सके।
क्यों दी गई देश छोड़ने की सलाह?
सीजफायर के बावजूद भारत सरकार की ‘निकास’ वाली सलाह यह दर्शाती है कि स्थिति अभी भी नाजुक है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार:
- अस्थायी शांति: यह सीजफायर केवल 14 दिनों का है। इसके बाद क्या होगा, यह कोई नहीं जानता।
- सुरक्षित विंडो: सरकार चाहती है कि युद्धविराम के दौरान मिली इस ‘विंडो’ का उपयोग कर अधिक से अधिक भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाए।
- लाजिस्टिक्स: हवाई क्षेत्र (Airspace) के खुलने और बंद होने की अनिश्चितता के बीच, सड़क मार्ग या अन्य सुरक्षित गलियारों से नागरिकों को आर्मेनिया या तुर्की की सीमाओं की ओर निर्देशित किया जा सकता है।
सहायता के लिए संपर्क सूत्र
भारतीय दूतावास ने नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबरों को चौबीसों घंटे सक्रिय रखा है। किसी भी तरह की जानकारी या निकास में सहायता के लिए इन नंबरों पर संपर्क करें:
- आपातकालीन मोबाइल नंबर: * +98 912 810 9115
- +98 912 810 9102
- +98 912 810 9109
- +98 993 217 9359
- ईमेल: [email protected]
सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
ईरान में अभी भी लगभग 7,000 भारतीय मौजूद हैं। सरकार की प्राथमिकता उन्हें इस 14 दिनों की शांति अवधि के भीतर सुरक्षित बाहर निकालने की है। दूतावास ने नागरिकों से शांत रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है। जो लोग अभी भी वहां हैं, वे अपने आवश्यक दस्तावेज (पासपोर्ट आदि) तैयार रखें और दूतावास से मिली जानकारी के अनुसार ही अपना सफर शुरू करें।


