मासूमियत पर ‘हवस’ का प्रहार! गोपालगंज में 10 साल की बच्ची के साथ 40 साल के दरिंदे ने की शर्मनाक करतूत; पैसे का लालच देकर उजाड़ी जिंदगी, एसपी विनय कुमार तिवारी का कड़ा एक्शन— ‘पास्को’ के तहत फांसी जैसी सजा की तैयारी

न्यूज डायरी: रिश्तों और इंसानियत को शर्मसार करती एक ‘कलयुगी’ हकीकत

  • सनसनीखेज वारदात: बिहार के गोपालगंज जिले के हथुआ थाना क्षेत्र में एक 40 वर्षीय व्यक्ति द्वारा 10 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का घृणित मामला प्रकाश में आया है।
  • आरोपी की पहचान: दरिंदगी को अंजाम देने वाले आरोपी की पहचान हथुआ निवासी राजन कुमार (40 वर्ष) के रूप में हुई है।
  • साजिश का तरीका: आरोपी ने बच्ची की कम उम्र और उसकी मासूमियत का फायदा उठाते हुए उसे चंद रुपयों का लालच दिया और एकांत में ले जाकर अपनी हवस का शिकार बनाया।
  • मौके पर पकड़: स्थानीय ग्रामीणों की सतर्कता के कारण आरोपी और बच्ची को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया गया, जिसके बाद तुरंत शोर मचाया गया और परिजनों को सूचना दी गई।
  • पुलिस की त्वरित कार्रवाई: सूचना मिलते ही हथुआ पुलिस ने मोर्चा संभाला और आरोपी राजन कुमार को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
  • कड़ा कानूनी शिकंजा: गोपालगंज एसपी विनय कुमार तिवारी ने स्पष्ट किया है कि आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
  • VOB इनसाइट: जब समाज का एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति अपने ही पड़ोस की या जान-पहचान की 10 साल की बच्ची को ‘लालच’ देकर शिकार बनाने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि सामाजिक नैतिकता का पतन हो चुका है। गोपालगंज की यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि उन माता-पिताओं के लिए भी एक चेतावनी है जो अपने बच्चों को आसपास के ‘परिचितों’ के भरोसे छोड़ देते हैं। 40 साल का राजन कुमार कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि समाज के भीतर छिपा हुआ वह भेड़िया है जो मासूमों को अपना शिकार बना रहा था। हथुआ पुलिस की मुस्तैदी सराहनीय है, लेकिन न्याय की असली जीत तब होगी जब इस दरिंदे को अदालत से ऐसी सजा मिले जो आने वाले समय में नजीर बन सके।

गोपालगंज (हथुआ) | 2 अप्रैल, 2026

​बिहार के गोपालगंज जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। हथुआ थाना क्षेत्र में एक 10 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे इलाके में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। एक तरफ जहाँ देश बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कानूनों की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ 40 साल का एक अधेड़ व्यक्ति मासूमियत को रौंदने की हिम्मत जुटा रहा है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में खाकी ने जिस तत्परता से काम किया है, उसने पीड़ित परिवार को न्याय की एक उम्मीद दी है।

लालच, जाल और दरिंदगी: हथुआ की वो काली दोपहर

​घटना के संदर्भ में मिली जानकारी के अनुसार, हथुआ थाना क्षेत्र का निवासी 40 वर्षीय राजन कुमार पिछले कुछ समय से बच्ची पर नजर रख रहा था। उसे पता था कि 10 साल की बच्ची को बहलाना-फुसलाना आसान है। मंगलवार की दोपहर जब बच्ची घर के बाहर खेल रही थी, तब राजन कुमार ने उसे कुछ रुपयों का लालच दिया। गरीबी या फिर मासूमियत के कारण बच्ची उन पैसों के झांसे में आ गई और राजन के साथ उस स्थान तक चली गई जहाँ दरिंदगी की बिसात पहले से बिछी हुई थी।

​राजन कुमार ने बच्ची के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक स्थानीय व्यक्ति की नजर उन पर पड़ी। आपत्तिजनक स्थिति को देखते ही उस व्यक्ति ने शोर मचाया और आसपास के लोगों को इकट्ठा किया। पकड़े जाने के डर से आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों की मुस्तैदी और तुरंत दी गई सूचना के कारण वह बच नहीं सका। परिजनों को जैसे ही इस खौफनाक वारदात का पता चला, घर में कोहराम मच गया।

पुलिस की दबिश: हथुआ पुलिस ने चंद घंटों में दबोचा ‘शिकारी’

​परिजनों ने बिना वक्त गंवाए हथुआ थाना पुलिस से संपर्क किया। बच्ची के बयान और उसकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझा। थानाध्यक्ष ने तुरंत एक टीम गठित की और आरोपी राजन कुमार के संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की।

​जनता के आक्रोश और पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच राजन कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बच्ची का प्रारंभिक बयान दर्ज किया है, जो अत्यंत विचलित करने वाला है। बच्ची ने बताया कि कैसे उसे डराया गया और पैसों का झांसा देकर उसके साथ गलत काम किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो एक्ट की संगीन धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

सदर अस्पताल में मेडिकल और ‘पॉक्सो’ की तैयारी

​गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया को तेज कर दिया है। पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल (Sadar Hospital) भेजा गया है। मेडिकल रिपोर्ट इस केस में सबसे बड़ा और पुख्ता सबूत साबित होगी। डॉक्टरों की एक विशेष टीम बच्ची की जांच कर रही है और उसे आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।

​गोपालगंज एसपी विनय कुमार तिवारी ने इस मामले को निजी तौर पर संज्ञान में लिया है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस केस की चार्जशीट (आरोप पत्र) कम से कम समय में दाखिल की जाए ताकि स्पीडी ट्रायल के जरिए आरोपी को सजा दिलाई जा सके। पॉक्सो एक्ट के तहत नाबालिकों के साथ हुए अपराधों में मृत्युदंड या आजीवन कारावास तक का प्रावधान है, और पुलिस इसी दिशा में काम कर रही है।

एसपी विनय कुमार तिवारी का कड़ा संदेश: “बख्शे नहीं जाएंगे अपराधी”

​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गोपालगंज एसपी विनय कुमार तिवारी ने मीडिया से बात करते हुए अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि पुलिस बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है।

एसपी के बयान के प्रमुख अंश:

​”हथुआ थाना क्षेत्र से एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की सूचना मिली थी। आरोपी राजन कुमार को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। यह एक जघन्य अपराध है और समाज में ऐसे तत्वों के लिए कोई जगह नहीं है। हमने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस इस मामले में कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए पास्को एक्ट (POCSO Act) के तहत सभी आवश्यक साक्ष्य जुटा रही है। हम सुनिश्चित करेंगे कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिले।”

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